जम्मू और कश्मीर

वैष्णो देवी चढ़ावा प्रबंधन पर श्राइन बोर्ड सख्त, पारदर्शिता के निर्देश

Kavita2
17 July 2026 2:53 PM IST
वैष्णो देवी चढ़ावा प्रबंधन पर श्राइन बोर्ड सख्त, पारदर्शिता के निर्देश
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जम्मू: श्री माता वैष्णो देवी में हर वर्ष आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे और दान के पारदर्शी प्रबंधन को लेकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपनी निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत करने का फैसला किया है। गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में उपराज्यपाल की अध्यक्षता में चढ़ावे और दान के प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय में किसी भी स्तर पर पारदर्शिता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने श्राइन बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे, नकद दान और अन्य अर्पणों के प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ माता के दरबार में अपनी भेंट अर्पित करते हैं, इसलिए उस विश्वास को बनाए रखना बोर्ड की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चढ़ावे के संग्रह, गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने, सुरक्षित भंडारण और उपयोग की प्रत्येक प्रक्रिया पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। इसके लिए मौजूदा निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाया जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके।

बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने चढ़ावे के प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था, डिजिटल रिकॉर्डिंग प्रणाली और सुरक्षा उपायों की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान यह भी समीक्षा की गई कि दान की राशि का उपयोग विभिन्न विकास कार्यों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक गतिविधियों के लिए किस प्रकार किया जा रहा है।

उपराज्यपाल ने कहा कि पारदर्शिता केवल वित्तीय प्रबंधन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरी व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रक्रियाओं का समय-समय पर ऑडिट कराया जाए और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

श्राइन बोर्ड को निर्देश दिए गए कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए डिजिटल निगरानी प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए। इससे चढ़ावे के संग्रह और उसके प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बन सकेगी। साथ ही सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में यह भी कहा गया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्था को समय के अनुरूप लगातार अपडेट करना आवश्यक है। मंदिर में हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में नकद दान, आभूषण तथा अन्य भेंट अर्पित करते हैं। ऐसे में उनके सुरक्षित और व्यवस्थित प्रबंधन के लिए मजबूत प्रणाली जरूरी है।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि श्राइन बोर्ड पहले से ही विभिन्न स्तरों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू किए हुए है। अब इन व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे। साथ ही नियमित निरीक्षण और समीक्षा बैठकों के माध्यम से व्यवस्था की प्रभावशीलता पर नजर रखी जाएगी।

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की शिकायत या अनियमितता की सूचना मिलने पर तत्काल जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बैठक में श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। सभी ने चढ़ावे के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए।

धार्मिक स्थलों पर वित्तीय पारदर्शिता और आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल चढ़ावे के सुरक्षित प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।

श्राइन बोर्ड का कहना है कि भविष्य में भी समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार नई तकनीकों तथा बेहतर प्रबंधन प्रणालियों को अपनाया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित प्रत्येक दान और चढ़ावे का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ धार्मिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में किया जाए।

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