जम्मू और कश्मीर

CUJ कैंपस में यादगार पलों और अनुभवों का आदान-प्रदान

Ratna Netam
11 April 2026 3:55 PM IST
CUJ कैंपस में यादगार पलों और अनुभवों का आदान-प्रदान
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Jammu.जम्मू: सीयूजे (कॉलेज/यूनिवर्सिटी का नाम) ने हाल ही में अपने पूर्व छात्रों के लिए ‘बायो-संगम’ पुनर्मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और वर्तमान छात्र एकत्रित हुए, जिससे पुराने संबंधों को नया जीवन और छात्रों के बीच नेटवर्किंग के अवसर मिले। समारोह में विश्वविद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक और कई प्रमुख पूर्व छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण
और स्वागत गीत के साथ हुई, जिसके बाद पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और छात्रों को प्रेरित किया। सीयूजे के अधिकारियों ने कहा कि ‘बायो-संगम’ का उद्देश्य पूर्व छात्रों और विश्वविद्यालय के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करना है।
उन्होंने बताया कि इस तरह के पुनर्मिलन समारोह छात्रों और पूर्व छात्रों के बीच पेशेवर और व्यक्तिगत नेटवर्क बनाने में मददगार होते हैं। पूर्व छात्रों ने अपने समय के अनुभव और पेशेवर जीवन में हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में साझा किया। कई छात्रों ने अपने करियर के मार्गदर्शन और प्रेरणा के उदाहरण प्रस्तुत किए, जिससे वर्तमान छात्रों को उत्साह और प्रेरणा मिली। कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिससे सभी उपस्थित लोग मनोरंजन और सहभागिता का आनंद ले सके। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल समाज और शिक्षा के बीच संबंध मजबूत करते हैं, बल्कि छात्रों में नेतृत्व और टीमवर्क की भावना भी विकसित करते हैं।
सीयूजे के प्रधानाचार्य ने कहा कि पूर्व छात्रों के साथ जुड़े रहना विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे नेटवर्किंग और पुनर्मिलन कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्रों और पूर्व छात्रों के बीच स्थायी और मजबूत संबंध बनाए जा सकें। समारोह में उपस्थित छात्र और पूर्व छात्र दोनों ने मिलनसारता और अनुभव साझा करने के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम ने यादगार पलों का आदान-प्रदान, अनुभव साझा करने और सहयोग बढ़ाने का माहौल बनाया। कुल मिलाकर, सीयूजे का यह ‘बायो-संगम’ पुनर्मिलन समारोह शिक्षा और समुदाय के बीच मजबूत संबंध बनाने और छात्रों के पेशेवर और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने का प्रतीक बना। इससे यह स्पष्ट होता है कि पूर्व छात्र और वर्तमान छात्र मिलकर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और सामाजिक नेटवर्क को और सुदृढ़ कर सकते हैं।
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