जम्मू और कश्मीर

धमाके के बाद पुंछ में चौकसी बढ़ी, चार इलाकों में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान

nidhi
17 Oct 2026 6:40 AM IST
धमाके के बाद पुंछ में चौकसी बढ़ी, चार इलाकों में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान
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पुंछ: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में हालिया घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सुरक्षाबलों और पुलिस ने चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए। अधिकारियों के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य संभावित आतंकी गतिविधियों का पता लगाना और संदिग्ध आवाजाही की जांच करना है। नियंत्रण रेखा के पार कृष्णा घाटी सेक्टर के सामने हुए संदिग्ध विस्फोट तथा जिले के जंगलों में हथियार मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। सेना और पुलिस की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
मेंढर के कई क्षेत्रों में तलाशी
अधिकारियों के मुताबिक, गुरसाई के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप यानी एसओजी ने मेंढर उपमंडल के गुरसाई-हरूनी-बैधर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। एक अन्य अभियान एसओजी मेंढर और सेना की राष्ट्रीय राइफल्स ने संयुक्त रूप से संचालित किया। इसमें धरना गांव, कश्मीर मोहल्ला, बेहरी के जंगलों और आसपास के क्षेत्रों को शामिल किया गया। इसके अलावा एसओजी मनकोट ने अपनी पुलिस चौकी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मंगलानू-चिल्ला के वन क्षेत्रों में तलाशी ली। अधिकारियों ने इन अभियानों को सीमावर्ती जिले में सुरक्षा मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा बताया है।
नई गिरफ्तारी या बरामदगी की पुष्टि नहीं
शुक्रवार के तलाशी अभियानों को लेकर उपलब्ध जानकारी में किसी नई गिरफ्तारी, मुठभेड़ या हथियार बरामदगी की पुष्टि नहीं की गई है। सुरक्षाबलों का ध्यान संभावित आतंकी आवाजाही से संबंधित सूचनाओं की जांच पर रहा। हाल की घटनाओं के मद्देनजर जंगलों और आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल इन अभियानों में शामिल टीमों की संख्या या अन्य विस्तृत परिचालन जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। आगे किसी सफलता या बरामदगी की स्थिति संबंधित अधिकारियों की पुष्टि से स्पष्ट होगी।
सथरबन के जंगल में मिला था संदिग्ध ठिकाना
इससे पहले मंगलवार को पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में सथरबन के जंगलों से एक संदिग्ध आतंकी ठिकाने का पता चला था। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर सेना और पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था। एक गुफा से एके-47 राइफल, 30 कारतूस और छह हैंड ग्रेनेड बरामद होने की जानकारी दी गई। मौके से टॉर्च, बैटरी, पट्टियां, चिकित्सा सामग्री और खाने-पीने का सामान भी मिला था। उस अभियान में किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया था। हथियारों की बरामदगी हालिया सुरक्षा समीक्षा की एक महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि है।
नियंत्रण रेखा के पार हुआ था विस्फोट
सोमवार को कृष्णा घाटी के सामने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के सतवाल-नाकी क्षेत्र में एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। धमाके के बाद भारतीय क्षेत्र में चौकसी बढ़ाई गई। विस्फोट को संदिग्ध आईईडी से जुड़ा बताया गया है, लेकिन इसकी परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में मारे गए चार लोगों को संदिग्ध आतंकी बताया गया, जबकि अन्य रिपोर्टों में उन्हें स्थानीय निवासी कहा गया है। इसलिए मृतकों की पहचान और धमाके की वजह को लेकर उपलब्ध सूचनाओं में अंतर बना हुआ है।
बारूदी सुरंगें मिलने से भी सतर्कता
एक अलग घटनाक्रम में मेंढर सेक्टर के बसोनी इलाके में सीमा की बाड़ के पास दो पुरानी बारूदी सुरंगें मिली थीं। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक निर्माण के दौरान इनका पता चला और विशेषज्ञों ने नियंत्रित विस्फोट के जरिए इन्हें नष्ट किया। क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब एक दर्जन बारूदी सुरंगें खोजकर निष्क्रिय किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। सीमावर्ती क्षेत्रों में विस्फोटक मिलने की घटनाओं के कारण सुरक्षाबलों को तलाशी और निगरानी के साथ ऐसे खतरों पर भी ध्यान देना पड़ रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि ताजा तलाशी अभियानों का मुख्य उद्देश्य जिले में सुरक्षा मजबूत करना और संभावित आतंकी गतिविधियों की जांच करना है। हालिया हथियार बरामदगी और सीमा के पास विस्फोट की घटना के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। हालांकि, शुक्रवार के अभियानों को लेकर अभी किसी आतंकी से आमना-सामना होने की जानकारी नहीं है। सुरक्षाबलों की कार्रवाई से जुड़े आगे के निष्कर्ष आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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