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कुलगाम आतंकी हमले के बाद प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा बढ़ी

दक्षिण कश्मीर : कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद सिविल प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए हैं। हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत के बाद प्रशासन ने प्रवासी समुदाय के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम कुलगाम जिले के केलम इलाके में एक आतंकी ने गोलीबारी की थी। इस हमले में छत्तीसगढ़ से आए दो प्रवासी मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों और सुरक्षाबलों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद घाटी में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और मजदूरों की सुरक्षा के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के रहने वाले इलाकों, काम करने वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवासी श्रमिकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करें।
प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रवासी मजदूर बिना किसी डर के अपने काम पर लौट सकें। इसके लिए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे प्रवासी मजदूरों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें।
घटना के बाद प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मजदूरों और स्थानीय लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है।
कुलगाम हमले ने एक बार फिर घाटी में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग स्थानों पर काम करने वाले बाहरी राज्यों के श्रमिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
प्रवासी मजदूरों का एक बड़ा वर्ग कश्मीर घाटी में निर्माण, कृषि और अन्य क्षेत्रों में काम करता है। वे राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि आतंकियों की कोशिश आम लोगों में डर पैदा करने की होती है, लेकिन सुरक्षा बल और प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया। हमलावर की पहचान और उसे पकड़ने के लिए जांच जारी है। सुरक्षाबल आतंकी नेटवर्क और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।
प्रशासन ने मृतक मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
फिलहाल कश्मीर घाटी में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। पुलिस और नागरिक प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि मजदूरों को सुरक्षित माहौल मिले और वे बिना भय के अपना काम जारी रख सकें।
कुलगाम की इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





