जम्मू और कश्मीर

जम्मू में झीरी मेले की सुरक्षा तैयारियां पूरी, एसपी रूरल बृजेश शर्मा बोले

SHIDDHANT
28 Oct 2025 9:51 PM IST
जम्मू में झीरी मेले की सुरक्षा तैयारियां पूरी, एसपी रूरल बृजेश शर्मा बोले
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Jammu जम्मू: उत्तर भारत का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक झीरी मेला (Jhiri Mela) इस वर्ष 4 नवंबर से 13 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा, लेकिन परंपरागत रूप से श्रद्धालु 1 नवंबर से ही मंदिर पहुंचना शुरू कर देते हैं। इस बार मेले को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एसपी रूरल जम्मू बृजेश शर्मा (SP Rural Brijesh Sharma) ने कहा है कि पूरे आयोजन को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।
एसपी शर्मा ने जानकारी दी कि मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु जम्मू जिले के झीरी गांव में स्थित किसान बाबा झीरी मंदिर पहुंचते हैं। भीड़ के इस विशाल स्वरूप को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और स्थानीय निकायों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा योजना तैयार की है। उन्होंने कहा, “हालांकि मेला आधिकारिक रूप से 4 नवंबर से शुरू होगा, लेकिन श्रद्धालु 1 नवंबर से ही आना शुरू कर देते हैं। इसलिए हमने सुरक्षा बंदोबस्त पहले ही सक्रिय कर दिए हैं ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।”
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:
झीरी मेला स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। CCTV कैमरे, ड्रोन सर्विलांस और कंट्रोल रूम के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भी भीड़ में मौजूद रहेंगे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
एसपी शर्मा ने बताया कि महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस कर्मियों की भी विशेष तैनाती की गई है। ट्रैफिक पुलिस ने पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन व्यवस्था:
जिला प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग ने मेले के दौरान प्राथमिक चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस सेवा और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की व्यवस्था की है। वहीं, आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि बारिश या अन्य आकस्मिक स्थितियों में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
मंदिर परिसर सजा और तैयार:
किसान बाबा झीरी मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। श्रद्धालु दूर-दराज से पहुंचकर बाबा झीरी की समाधि पर मत्था टेकते हैं और अपनी सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस बार मेले का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा किया जाएगा।
स्थानीय व्यापार और संस्कृति का संगम:
झीरी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह जम्मू की सांस्कृतिक धरोहर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी प्रतीक है। मेले में लगने वाले स्टॉलों पर स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, कृषि उपकरण और लोककला प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
पुलिस की अपील:
एसपी बृजेश शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि श्रद्धालु पूरे विश्वास और शांति के साथ मेला दर्शन कर सकें। सभी अधिकारी और जवान 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे।”
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