जम्मू और कश्मीर

CSIR-IIIIM में भारतीय फार्माकोपिया पर वैज्ञानिक सम्मेलन

Ratna Netam
18 April 2026 5:49 PM IST
CSIR-IIIIM में भारतीय फार्माकोपिया पर वैज्ञानिक सम्मेलन
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Jammu.जम्मू: सीएसआईआर-भारतीय एकीकृत चिकित्सा संस्थान में भारतीय फार्माकोपिया पर एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता, मानकों और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करना था।
यह सम्मेलन Indian Pharmacopoeia पर केंद्रित था, जिसमें यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि देश में उपयोग होने वाली दवाएं उच्च गुणवत्ता और सुरक्षित मानकों के अनुरूप हों।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि फार्माकोपिया किसी भी देश की स्वास्थ्य प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार होता है, क्योंकि यह दवाओं की गुणवत्ता, शुद्धता और प्रभावशीलता को निर्धारित करता है।
CSIR-Indian Institute of Integrative Medicine के वैज्ञानिकों ने अपने शोध प्रस्तुत करते हुए बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से दवा परीक्षण और मानकीकरण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि बदलते समय के साथ नई बीमारियों और उपचार पद्धतियों के अनुसार फार्माकोपिया में लगातार सुधार की आवश्यकता है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है, ताकि शोध और विकास को नई दिशा मिल सके।
CSIR-Indian Institute of Integrative Medicine के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के सम्मेलन वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देते हैं और नई खोजों के लिए मंच प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में युवाओं और शोधार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी की और अपने विचार साझा किए। उन्हें दवा अनुसंधान और मानकीकरण की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि Indian Pharmacopoeia पर आधारित इस तरह के सम्मेलन देश की दवा गुणवत्ता प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल, CSIR-Indian Institute of Integrative Medicine में आयोजित यह वैज्ञानिक सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इसे स्वास्थ्य विज्ञान और फार्मा अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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