जम्मू और कश्मीर

धरमथल में मौत का मंजर, अचानक धंसी जमीन से मलबे में दब गईं दुकानें

Saba Naaz
19 July 2026 8:03 PM IST
धरमथल में मौत का मंजर, अचानक धंसी जमीन से मलबे में दब गईं दुकानें
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जम्मू-श्रीनगर: राष्ट्रीय राजमार्ग पर उधमपुर जिले के धरमथल इलाके में शनिवार देर रात भारी बारिश के बाद हुए भीषण भूस्खलन ने तबाही मचा दी। प्रेम मंदिर के पास स्थित एक छोटी मार्केट देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गई। अचानक जमीन धंसने से करीब आठ दुकानें पूरी तरह मलबे में दब गईं। हालांकि दुकानदारों की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी की जान नहीं गई।

यह घटना उधमपुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर और चनैनी कस्बे से लगभग 10 किलोमीटर दूर धरमथल क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात इलाके में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान राजमार्ग के किनारे बनी दुकानों के नीचे की जमीन अचानक खिसकने लगी। दुकानदारों को जैसे ही खतरे का अंदाजा हुआ, उन्होंने तुरंत अपनी दुकानें खाली कर दीं। कुछ ही समय बाद जमीन करीब 25 फीट नीचे धंस गई और आठ दुकानें मलबे में समा गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पहले दुकानों के आसपास हलचल महसूस हुई और फिर जमीन में दरारें आने लगीं। खतरे को भांपते हुए दुकानदार और आसपास मौजूद लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले गए। यदि समय रहते लोग बाहर नहीं निकलते तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, ऊपरी पहाड़ी क्षेत्र किंथर टाप में देर रात अत्यधिक बारिश हुई थी। भारी मात्रा में पानी पहाड़ी क्षेत्र से नीचे आने के कारण मिट्टी कमजोर हो गई और जमीन खिसकने लगी। कुछ लोगों ने इलाके में बादल फटने जैसी स्थिति की आशंका भी जताई है, हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम, सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियों को मौके पर भेजा गया। स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान चलाया गया। टीमों ने कई घंटों की मेहनत के बाद दुकानों में फंसे सामान को बाहर निकालने का प्रयास किया।

इस हादसे में किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई, जो प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए राहत की बात रही। हालांकि, दुकानों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। दुकानों में रखा अधिकतर सामान मलबे में दब गया। कुछ जरूरी सामान ही बचाया जा सका।

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे करीब 15 कनाल जमीन भूस्खलन की चपेट में आई है। घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह था। जहां कभी छोटी-सी मार्केट हुआ करती थी, वहां अब सिर्फ मलबा दिखाई दे रहा है। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वर्षों की मेहनत कुछ ही मिनटों में खत्म हो गई।

दुकानदारों ने बताया कि उनकी रोजी-रोटी इन्हीं दुकानों से चलती थी। दुकानें नष्ट होने के बाद कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, जान बचने की खुशी है, लेकिन कारोबार खत्म होने का दुख भी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना से एक दर्जन से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं।

हादसे के बाद धरमथल और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रशासन ने इलाके की निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

प्रभावित दुकानदारों ने जिला प्रशासन से जल्द नुकसान का सर्वे करवाने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें दोबारा कारोबार शुरू करने के लिए मदद की जरूरत है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे जमीन खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। धरमथल की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है।

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