जम्मू और कश्मीर

Satish Sharma को विधानसभा में फिर कुछ विधायकों के गुस्से का सामना करना पड़ा

Ratna Netam
3 April 2026 7:21 PM IST
Satish Sharma को विधानसभा में फिर कुछ विधायकों के गुस्से का सामना करना पड़ा
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Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र के दौरान एक बार फिर विधायक सतीश शर्मा को कुछ सदस्यों के विरोध और नाराज़गी का सामना करना पड़ा। सदन में हुई इस घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया और कुछ समय के लिए कार्यवाही भी बाधित रही। जानकारी के अनुसार, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब सतीश शर्मा ने एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखी। उनके बयान पर कुछ विधायकों ने आपत्ति जताई और कहा कि उनके विचार तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इस पर सदन में तीखी बहस शुरू हो गई और स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई।
विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि सतीश शर्मा बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिनसे सदन का समय व्यर्थ होता है और जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में जिम्मेदार और तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों का समाधान निकल सके। इस बीच, सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों ने सतीश शर्मा का समर्थन किया और कहा कि हर विधायक को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अनावश्यक रूप से मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है और सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने सभी सदस्यों से शांत रहने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर सदस्य को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह जरूरी है कि चर्चा मर्यादा और नियमों के तहत हो। कुछ समय के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, जिसके बाद दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि विधानसभा में विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक मतभेद काफी गहरे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र का हिस्सा होती हैं, लेकिन यदि यह बार-बार होती रहें, तो इससे सदन की कार्यप्रणाली और जनता के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी दलों को मिलकर रचनात्मक चर्चा और सहयोग का माहौल बनाना चाहिए। सतीश शर्मा ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जो मुद्दा उठाया, वह जनता के हित से जुड़ा हुआ था और उनका उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने लाना था। उन्होंने कहा कि वह आगे भी जनहित के मुद्दों को सदन में उठाते रहेंगे। कुल मिलाकर, विधानसभा में हुई यह घटना राजनीतिक तनाव और मतभेदों को दर्शाती है। हालांकि, यह भी उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सभी पक्ष मिलकर सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और जनता के मुद्दों का समाधान करने पर ध्यान देंगे।
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