जम्मू और कश्मीर

Jammu रिंग रोड पर बढ़ती आपराधिक घटनाएं, सुरक्षा पर सवाल

Ratna Netam
12 April 2026 2:43 PM IST
Jammu रिंग रोड पर बढ़ती आपराधिक घटनाएं, सुरक्षा पर सवाल
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Jammu.जम्मू: जम्मू में हाल के समय में Jammu Ring Road को लेकर सुरक्षा चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं। यह परियोजना शहर के यातायात को सुगम बनाने और ट्रैफिक दबाव कम करने के उद्देश्य से विकसित की गई थी, लेकिन अब कुछ हिस्सों में इसे अपराध और असामाजिक गतिविधियों के संभावित “हॉटस्पॉट” के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, रिंग रोड के कुछ हिस्से अपेक्षाकृत सुनसान और कम आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं। रात के समय इन इलाकों में रोशनी की कमी और कम आवाजाही के कारण असामाजिक तत्वों को मौका मिल सकता है। इसी वजह से इन मार्गों पर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
परियोजना का निर्माण National Highways Authority of India द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य शहर के भीतर ट्रैफिक को कम करके बाहरी रूट से वाहनों को डायवर्ट करना था। हालांकि, विकास के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शुरुआती वर्षों में सुरक्षा कमजोरियाँ रह सकती हैं। निर्माणाधीन या हाल ही में विकसित सड़कों पर सीसीटीवी कैमरों, पुलिस पेट्रोलिंग और स्ट्रीट लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने से ऐसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
इसके अलावा, रिंग रोड के आसपास अभी कई क्षेत्र पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। खाली जमीन, निर्माण स्थल और कम जनसंख्या वाले इलाके अक्सर अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं। ऐसे में स्थानीय लोग और यात्री दोनों ही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
Jammu and Kashmir प्रशासन ने हाल ही में इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के संकेत दिए हैं। पुलिस विभाग ने रिंग रोड के संवेदनशील हिस्सों में गश्त बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की बात कही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय रिंग रोड पर यात्रा करना जोखिम भरा महसूस होता है। कई लोगों ने मांग की है कि प्रमुख स्थानों पर पुलिस पिकेट, सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी हेल्प बूथ लगाए जाएँ, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
विशेषज्ञ यह भी सुझाव दे रहे हैं कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस व्यवस्था पर निर्भर नहीं होनी चाहिए, बल्कि शहरी नियोजन के तहत उचित रोशनी, आसपास विकास कार्य और नियमित निगरानी भी जरूरी है। इससे न केवल अपराध की संभावना कम होगी, बल्कि यात्रियों का भरोसा भी बढ़ेगा।
प्रशासन की ओर से यह संकेत मिले हैं कि आने वाले समय में रिंग रोड के सभी प्रमुख हिस्सों की सुरक्षा समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।
कुल मिलाकर, Jammu का यह महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जहां एक ओर यातायात सुधार में बड़ी भूमिका निभा रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा चुनौतियों के कारण चर्चा में भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएँ, तो इस रिंग रोड को सुरक्षित और उपयोगी दोनों बनाया जा सकता है।
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