जम्मू और कश्मीर

श्रीनगर ट्रैफिक संकट से रोजाना करोड़ों का नुकसान सामने आया खुलासा

nidhi
28 Aug 2026 8:59 AM IST
श्रीनगर ट्रैफिक संकट से रोजाना करोड़ों का नुकसान सामने आया खुलासा
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श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बढ़ते ट्रैफिक जाम का असर अब सिर्फ लोगों के समय तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान हो रहा है। कश्मीर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक स्टडी में दावा किया गया है कि शहर की छह प्रमुख सड़कों पर लगने वाले जाम से रोजाना करीब 6.99 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है।

अध्ययन के अनुसार, यह नुकसान यात्रियों के बर्बाद होने वाले समय, ईंधन की अतिरिक्त खपत, वाहनों की बढ़ती लागत और रखरखाव जैसे कई पहलुओं को जोड़कर निकाला गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह आंकड़ा सिर्फ छह प्रमुख मार्गों का है, अगर पूरे श्रीनगर शहर को इसमें शामिल किया जाए तो नुकसान का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
जाम में फंस रहा है लोगों का कीमती समय
श्रीनगर में रोजाना हजारों लोग नौकरी, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सफर करते हैं। लंबे ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को घंटों सड़कों पर फंसे रहना पड़ता है।इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। अस्पताल जाने वाले मरीजों और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बन जाता है।
छह प्रमुख मार्गों पर किया गया अध्ययन
कश्मीर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने श्रीनगर को घाटी के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले छह प्रमुख सड़क मार्गों पर ट्रैफिक दबाव का अध्ययन किया। इसमें वाहनों की संख्या, यात्रा समय, देरी और ईंधन खर्च जैसे कारकों का विश्लेषण किया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि इन मार्गों पर जाम के कारण प्रतिदिन करीब 69.87 मिलियन रुपये यानी लगभग 6.99 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
बढ़ते वाहनों से बढ़ा दबाव
श्रीनगर में पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शहर की पुरानी सड़क व्यवस्था और बढ़ती आबादी के बीच तालमेल नहीं बैठ पाने से ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण, गलत तरीके से वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी जाम की बड़ी वजह मानी जा रही है।
सिर्फ सड़क चौड़ी करना समाधान नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए सिर्फ सड़कें चौड़ी करना पर्याप्त नहीं है। बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग व्यवस्था और नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में बढ़ते वाहनों के कारण श्रीनगर में ट्रैफिक समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
श्रीनगर जैसे महत्वपूर्ण शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पर्यटन, व्यापार और आम लोगों की सुविधा के लिए सुचारु यातायात व्यवस्था बेहद जरूरी है। कश्मीर यूनिवर्सिटी की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि ट्रैफिक जाम अब केवल असुविधा नहीं बल्कि आर्थिक नुकसान का बड़ा कारण बन चुका है। आने वाले समय में शहर को बेहतर यातायात योजना और प्रभावी प्रबंधन की जरूरत होगी।

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