जम्मू और कश्मीर

कश्मीर की पारंपरिक कला को मिला सम्मान, पीएम मोदी ने ‘वगू चटाई’ का किया जिक्र

nidhi
27 July 2026 11:22 AM IST
कश्मीर की पारंपरिक कला को मिला सम्मान, पीएम मोदी ने ‘वगू चटाई’ का किया जिक्र
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‘वगू चटाई’ से दुनिया तक पहुंचेगी कश्मीर की विरासत, PM मोदी ने की कलाकारों की तारीफ

JAMMU-AND-KASHMIR : प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कश्मीर की एक अनोखी पारंपरिक कला 'वगू चटाई' का जिक्र करते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने इस कला से जुड़े कारीगरों के प्रयासों और भारत की सांस्कृतिक विरासत को संजोने के उनके योगदान को रेखांकित किया।

कश्मीर की पुरानी हस्तकला है वगू चटाई
'वगू चटाई' कश्मीर की पारंपरिक हस्तकला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इसे प्राकृतिक घास और स्थानीय संसाधनों से तैयार किया जाता है। यह कला पीढ़ियों से कारीगरों द्वारा संरक्षित की जाती रही है।
अपनी सादगी, मजबूती और पर्यावरण अनुकूल विशेषताओं के कारण यह चटाई स्थानीय जीवनशैली का हिस्सा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विविध संस्कृति में ऐसी कई लोक कलाएं मौजूद हैं, जिन्हें संरक्षण और प्रोत्साहन की जरूरत है। उन्होंने वगू चटाई बनाने वाले कारीगरों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए लोगों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।
स्थानीय रोजगार को मिल सकता है बढ़ावा
पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा मिलने से स्थानीय कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। वगू चटाई जैसी हस्तशिल्प वस्तुएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान दे सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कलाओं को बाजार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर कारीगरों की आय बढ़ाई जा सकती है।
कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान को नई पहचान
कश्मीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ हस्तशिल्प और लोक कलाओं के लिए भी प्रसिद्ध है। पश्मीना, कालीन, लकड़ी की नक्काशी और अन्य पारंपरिक कलाओं की तरह वगू चटाई भी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
'वोकल फॉर लोकल' को मिलेगा बल
पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय कारीगरी को बढ़ावा देने से 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को भी मजबूती मिलती है। ऐसी पहलें देश की पुरानी कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करती हैं।

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