जम्मू और कश्मीर

वोट चोरी के आरोपों पर रामदास अठावले का राहुल गांधी पर पलटवार

Ratna Netam
11 Oct 2026 9:53 PM IST
वोट चोरी के आरोपों पर रामदास अठावले का राहुल गांधी पर पलटवार
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अनंतनाग। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के दौरे के दौरान अठावले ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने चुनावी व्यवस्था को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में हार या जीत को लेकर बिना ठोस आधार के एक-दूसरे पर वोट चोरी के आरोप लगाना उचित नहीं है।रामदास अठावले ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए सवाल किया कि जिस निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस नेता खुद चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं, क्या वहां भी इसी तरह वोट चोरी होने की बात कही जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष इस तरह के आरोप लगाता है, तो दूसरे राजनीतिक दल भी कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत को लेकर ऐसे ही सवाल उठा सकते हैं। अठावले ने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर इस तरह की आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं चल सकती।
राहुल गांधी के आरोपों पर अठावले का पलटवार
अनंतनाग दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों का जवाब दिया।उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने जो वोट चोरी के आरोप लगाए हैं, उस पर मेरा उनसे एक सवाल है: जहां से आप चुने गए हैं, क्या वहां हमारे वोट चोरी हुए हैं? क्या हम भी यह दावा करें कि हमारे वोट चोरी हुए थे? हम भी कह सकते हैं कि कांग्रेस नेता फर्जी वोटों की वजह से जीते हैं। चीजें ऐसे नहीं चल सकतीं।"अठावले ने अपने इस बयान के माध्यम से विपक्ष के आरोपों के आधार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी चुनाव परिणाम को लेकर बिना पर्याप्त आधार के सवाल उठाए जाते हैं, तो यही तर्क दूसरे दलों की जीत पर भी लागू किया जा सकता है।हालांकि, कांग्रेस नेताओं के फर्जी वोटों से जीतने की बात अठावले ने एक प्रतिप्रश्न के रूप में कही। उन्होंने अपने बयान में इस संबंध में कोई विशिष्ट मामला या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग खारिज
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को भी खारिज कर दिया।उन्होंने चुनावी व्यवस्था को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के औचित्य पर सवाल उठाए।अठावले का बयान ऐसे समय सामने आया है, जब विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।विपक्षी नेताओं ने कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है।वहीं, अठावले ने विपक्ष के आरोपों से असहमति जताते हुए राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या चुनाव जीतने वाले कांग्रेस नेताओं पर भी इसी तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं।उनका कहना था कि राजनीतिक दलों को चुनावी परिणामों के संबंध में आरोप लगाते समय अपने तर्कों पर विचार करना चाहिए।
अनंतनाग दौरे के दौरान दिया बयान
रामदास अठावले रविवार को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के दौरे पर थे। इसी दौरान उन्होंने चुनावी व्यवस्था को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी असहमति जताई।अठावले ने विशेष रूप से राहुल गांधी के बयान को लेकर सवाल किया कि यदि कांग्रेस नेता अपने निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर आए हैं, तो क्या उनकी जीत को भी उसी तरह संदेह के दायरे में रखा जा सकता है।उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने के आधार पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर निष्कर्ष नहीं निकाले जा सकते।केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, उपलब्ध बयान में उन्होंने किसी विशेष प्रदर्शन की तारीख, स्थान या आयोजकों के संबंध में विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
चुनावी व्यवस्था को लेकर राजनीतिक मतभेद
देश में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनावी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई है।दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इन आरोपों और मांगों को खारिज कर दिया।अठावले के बयान का मुख्य आधार यह था कि यदि एक पक्ष चुनावी परिणामों पर सवाल उठाता है, तो दूसरा पक्ष भी उसी तर्क का इस्तेमाल कर सकता है।उन्होंने राहुल गांधी की चुनावी जीत का उदाहरण देकर विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए।हालांकि, किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में वोट चोरी या फर्जी मतदान के आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित मतदाता सूची, मतदान रिकॉर्ड, शिकायतों और सक्षम प्राधिकरण की जांच जैसे प्रमाण आवश्यक होते हैं।
राहुल गांधी की जीत का उदाहरण देकर उठाए सवाल
रामदास अठावले ने राहुल गांधी से सीधे सवाल करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र से वह निर्वाचित हुए हैं, वहां भी क्या दूसरे दल यह दावा कर सकते हैं कि उनके वोट चोरी हुए हैं।उन्होंने कहा कि यदि ऐसा तर्क अपनाया जाए, तो कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत पर भी फर्जी वोटों का आरोप लगाया जा सकता है।अठावले ने अपने बयान में कहा कि राजनीतिक व्यवस्था इस तरह नहीं चल सकती।उनकी टिप्पणी का उद्देश्य राहुल गांधी के आरोपों का प्रतिवाद करना था।केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र में हुई कथित अनियमितता का अलग से विवरण नहीं दिया।उनके बयान में मुख्य रूप से विपक्ष के आरोपों की तार्किकता और चुनावी व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों का विरोध दिखाई दिया।
वोट चोरी के आरोपों पर जारी है विवाद
वोट चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।कांग्रेस की ओर से चुनावी व्यवस्था और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, रामदास अठावले ने इन आरोपों को खारिज करते हुए राहुल गांधी से जवाब मांगा है।उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष चुनावी जीत को लेकर इस तरह के आरोप लगाएगा, तो अन्य राजनीतिक दल भी कांग्रेस की जीत पर ऐसे ही सवाल उठा सकते हैं।हालांकि, अठावले के बयान में विपक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए किसी विशिष्ट दस्तावेज या आरोप का तथ्यात्मक विश्लेषण शामिल नहीं था।इसी तरह उपलब्ध जानकारी में राहुल गांधी की ओर से अठावले की ताजा टिप्पणी पर किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
चुनावी आरोपों पर अठावले ने दोहराई असहमति
अनंतनाग में दिए गए बयान के माध्यम से केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का विरोध किया।उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर संदेह जताता है, तो क्या कांग्रेस नेताओं की चुनावी जीत पर भी इसी तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं।अठावले ने कहा कि इस तरह आरोप लगाकर राजनीतिक व्यवस्था नहीं चलाई जा सकती।उनकी टिप्पणी से स्पष्ट है कि चुनावी व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं। वहीं, कथित चुनावी अनियमितताओं से संबंधित किसी भी आरोप की पुष्टि संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
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