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Rajouri : अवैध गोवंशीय पशु तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 51 पशु मुक्त कराए, पांच वाहन जब्त

Jammu जम्मू: राजौरी जिले में अवैध गोवंशीय पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थन्ना मंडी क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 51 गोवंशीय पशुओं को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इसके साथ ही पुलिस ने पांच वाहनों को भी जब्त किया है, जिनका उपयोग बिना अनुमति पशुओं के अवैध परिवहन में किया जा रहा था।
यह कार्रवाई थन्ना मंडी थाना पुलिस द्वारा नियमित नाका जांच के दौरान की गई, जब पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कुछ वाहनों को रोका और उनकी जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि कुल पांच वाहनों में बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में वाहन चालकों और संबंधित लोगों से जब दस्तावेज मांगे गए, तो वे पशु परिवहन से जुड़ी वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पशुओं के परिवहन के लिए सक्षम प्राधिकारी से किसी भी प्रकार की अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी आधार पर सभी पांच वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इस मामले में पुलिस ने अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इन पशुओं को कहां ले जाया जा रहा था।
थन्ना मंडी क्षेत्र में लंबे समय से पशु तस्करी की शिकायतें मिलती रही हैं, जिसके बाद पुलिस ने निगरानी और नाकों को और सख्त किया है। इसी सख्ती का परिणाम है कि इस बार इतनी बड़ी संख्या में पशुओं को बचाया जा सका और तस्करी की कोशिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध पशु तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत संवेदनशील मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अवैध तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि पशु संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन किया जाए।
ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई को सराहनीय बताया है और मांग की है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए। उनका कहना है कि कई बार रात के समय ऐसे वाहन गुजरते हैं, जिनमें पशुओं को अवैध तरीके से ले जाया जाता है, जिससे क्षेत्र में तनाव और असुविधा की स्थिति पैदा होती है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। बरामद किए गए वाहनों और पशुओं से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
कुल मिलाकर, राजौरी पुलिस की यह कार्रवाई अवैध पशु तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, जिससे न केवल 51 गोवंशीय पशुओं की जान बचाई गई, बल्कि तस्करों के नेटवर्क पर भी बड़ी चोट पहुंची है।





