जम्मू और कश्मीर

बहुजन हक यात्रा के जरिए आरक्षण और जमीन के हक की आवाज उठाई

Admindelhi1
29 Oct 2026 12:05 PM IST
बहुजन हक यात्रा के जरिए आरक्षण और जमीन के हक की आवाज उठाई
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आरक्षण और भूमि अधिकारों की मांग के साथ बहुजन हक यात्रा पूरी

जम्मू: वंचित समुदायों के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए लखनपुर से शुरू हुई बहुजन हक यात्रा जम्मू में संपन्न हुई। सामाजिक कार्यकर्ता साहिल कुंडल के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में कठुआ, सांबा और जम्मू सहित विभिन्न क्षेत्रों के समुदाय प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवा नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार उधमपुर और राजौरी से भी लोगों की भागीदारी रही।

यात्रा के समापन पर साहिल कुंडल ने कहा कि इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को साझा बहुजन मंच पर लाकर उनके अधिकारों, सम्मान और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को उठाना है। उन्होंने कहा कि बहुजन हक यात्रा समन्वय समिति के बैनर तले विभिन्न समुदायों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह किसी एक संगठन के बजाय सामूहिक नेतृत्व की पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा किसी जाति, धर्म या समुदाय के विरोध में नहीं बल्कि वंचित वर्गों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।

यात्रा के समापन पर आयोजकों ने अधिकारियों के समक्ष मांगपत्र प्रस्तुत किया। इसमें जम्मू-कश्मीर के सरकारी विभागों में पदोन्नति में आरक्षण बहाल करने और लागू करने, एससी व एसटी वर्ग के लंबित बैकलॉग पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने तथा देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों और आरक्षण प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई।

अन्य मांगों में प्रस्तावित जाति आधारित जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करना, जम्मू में एससी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास स्थापित करना और जम्मू-कश्मीर में पहले आवंटित भूमि पर एससी, एसटी व ओबीसी लाभार्थियों को पूर्ण मालिकाना अधिकार देना शामिल है।

कुंडल ने यात्रा में सहयोग देने वाले समुदायों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, कर्मचारी मंचों, छात्र संगठनों और वरिष्ठ सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लखनपुर से जम्मू तक की यह यात्रा सामाजिक न्याय और समान अधिकारों के लिए निरंतर चलने वाले अभियान की शुरुआत है। उन्होंने मांगों पर उचित कार्रवाई होने तक प्रयास जारी रखने की बात कही।

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