जम्मू और कश्मीर

बांदीपोरा में बारिश और ओलों का कहर किसानों की बढ़ी चिंता

Ratna Netam
8 Oct 2026 7:54 PM IST
बांदीपोरा में बारिश और ओलों का कहर  किसानों की बढ़ी चिंता
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को मौसम ने अचानक करवट ली। बांदीपोरा जिले के कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और जोरदार ओलावृष्टि से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगभग दस मिनट तक हुई ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। तेज हवाओं और बारिश के साथ गिरे ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
गुरुवार को बांदीपोरा जिले के विभिन्न हिस्सों में अचानक मौसम खराब हो गया। आसमान में बादल छाने के बाद तेज बारिश शुरू हुई और इसके साथ ओले गिरने लगे। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, ओलावृष्टि का दौर लगभग दस मिनट तक चला। हालांकि, इतने कम समय में भी खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों ने बताया कि तेज हवाओं और ओलों के कारण उनकी फसलें प्रभावित हुई हैं।
बारिश और ओलावृष्टि के इस दौर ने बांदीपोरा के साथ कश्मीर घाटी के अन्य इलाकों को भी प्रभावित किया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कुपवाड़ा और गांदरबल के कुछ हिस्सों में भी फसलों और बागों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कुपवाड़ा में धान के खेतों और सेब के बागानों पर मौसम की मार पड़ी है। वहीं, गांदरबल के कुछ इलाकों में भी कृषि संबंधी नुकसान की शिकायतें मिली हैं।
अचानक हुई ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, क्योंकि खड़ी फसलें मौसम की ऐसी घटनाओं के प्रति संवेदनशील होती हैं। तेज हवा के साथ ओले गिरने से पौधों की पत्तियां, तने और तैयार हो रही उपज प्रभावित हो सकती है। फसलों की वास्तविक स्थिति और नुकसान की मात्रा का पता खेतों के निरीक्षण के बाद ही चल सकेगा।
बांदीपोरा के प्रभावित इलाकों में किसानों ने फसलों को नुकसान पहुंचने की बात कही है। हालांकि, अभी तक नुकसान के कुल क्षेत्रफल और आर्थिक क्षति का कोई पुष्ट आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पूरे जिले में फसल बर्बाद होने का दावा करना उचित नहीं होगा। फिलहाल नुकसान की खबरें प्रभावित क्षेत्रों से सामने आई किसानों की शिकायतों और स्थानीय जानकारी पर आधारित हैं।
मौसम विभाग ने कश्मीर घाटी के कई जिलों के लिए खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। बांदीपोरा के अलावा कुपवाड़ा, बारामूला, गांदरबल, अनंतनाग, पुलवामा और कुलगाम में बारिश तथा तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। जम्मू संभाग के रियासी और राजौरी जिलों के लिए भी मौसम संबंधी चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ इलाकों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। हवाओं की रफ्तार 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका बताई गई है। ऐसी परिस्थितियों में खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के आसपास सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
कश्मीर घाटी में गुरुवार को केवल बांदीपोरा ही नहीं, बल्कि श्रीनगर सहित अन्य स्थानों पर भी मौसम में बदलाव दर्ज किया गया। कई क्षेत्रों में बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की है।
कश्मीर घाटी के लिए कृषि और बागवानी आजीविका के महत्वपूर्ण साधन हैं। यहां बड़ी संख्या में किसान धान की खेती के साथ फल उत्पादन से जुड़े हुए हैं। विशेष रूप से सेब के बागान स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में खराब मौसम का असर किसानों और बागवानों की आय पर पड़ सकता है।
ओलावृष्टि से कृषि क्षेत्र में नुकसान की आशंका इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि ओलों के सीधे प्रहार से फसलें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। यदि तेज हवाओं के साथ बारिश भी हो, तो खेतों में खड़ी फसलों के गिरने और उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि, किसी विशेष खेत में नुकसान की गंभीरता फसल की स्थिति, ओलों के आकार और मौसम की तीव्रता पर निर्भर करती है।
बांदीपोरा में हुई ओलावृष्टि के बाद किसानों के सामने नुकसान के आकलन की चुनौती है। प्रभावित किसानों को अपनी फसलों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ओलावृष्टि के बाद खेतों का निरीक्षण करते समय फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करना जरूरी होता है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसानों और बागवानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचना चाहिए। बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहना और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचना जरूरी है।
खराब मौसम का असर सामान्य जनजीवन पर भी पड़ सकता है। तेज बारिश और हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने, पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटने तथा कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति में बाधा आने की आशंका रहती है। हालांकि, बांदीपोरा में गुरुवार की घटना के दौरान ऐसी किसी व्यापक क्षति की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
इस बीच मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर किसानों की नजर बनी हुई है। लगातार खराब मौसम की स्थिति रहने पर कृषि गतिविधियों में बाधा आ सकती है। वहीं, प्रभावित फसलों की स्थिति का आकलन होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किसानों को कितना आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
गुरुवार को बांदीपोरा में लगभग दस मिनट तक चली जोरदार ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कुपवाड़ा और गांदरबल के कुछ इलाकों से भी कृषि तथा बागवानी को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग के कई जिलों में गरज-चमक, बारिश तथा तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। फिलहाल किसानों की प्रमुख चिंता खड़ी फसलों को हुए नुकसान और आने वाले समय में मौसम की स्थिति को लेकर बनी हुई है।
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