जम्मू और कश्मीर

पंजाब ने हटाया 4% टैक्स, कश्मीर में मटन संकट समाप्त

Kavita2
3 July 2026 5:28 PM IST
पंजाब ने हटाया 4% टैक्स, कश्मीर में मटन संकट समाप्त
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Srinagar श्रीनगर : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हस्तक्षेप के बाद पंजाब सरकार ने राज्य से जानवरों को ले जाने वाली गाड़ियों पर लगाई गई लेवी को वापस ले लिया है। इस निर्णय के बाद कश्मीर में उत्पन्न मटन संकट का समाधान हो गया है। इस संबंध में शुक्रवार को ऑल कश्मीर होलसेल एंड रिटेल मटन डीलर्स एसोसिएशन ने आधिकारिक रूप से जानकारी दी कि मटन व्यापारियों पर लगाए गए कथित “गैर-कानूनी” शुल्क का विवाद अब सुलझ गया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष खज़ीर मोहम्मद रेगू ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा लगाए गए 4 प्रतिशत टैक्स के कारण कश्मीर में पशु आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिससे मटन की भारी कमी उत्पन्न हो गई थी। उन्होंने कहा कि लेवी लागू होने के बाद से सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ा और कश्मीर में मटन की उपलब्धता कम हो गई, जिससे कीमतों और आपूर्ति दोनों पर दबाव बढ़ गया था।

जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार द्वारा लगाए गए इस शुल्क के कारण जानवरों की ढुलाई में लागत बढ़ गई थी, जिससे कश्मीर तक मटन पहुंचाने में बाधाएं उत्पन्न हो रही थीं। इसके चलते व्यापारियों को भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा था और बाजार में आपूर्ति प्रभावित हो गई थी।

स्थिति गंभीर होने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा शुरू हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित पक्षों से बातचीत की और समाधान निकालने का प्रयास किया। उनके हस्तक्षेप के बाद पंजाब सरकार ने पशु परिवहन पर लगाई गई लेवी को हटाने का फैसला लिया, जिससे आपूर्ति व्यवस्था फिर से सामान्य हो गई।

मटन डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष खज़ीर मोहम्मद रेगू ने कहा कि इस फैसले से कश्मीर के व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिली है। उन्होंने बताया कि अब सप्लाई चेन बहाल हो रही है और बाजार में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है।

व्यापारियों का कहना है कि लेवी हटने से न केवल मटन की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि कीमतों में भी स्थिरता आएगी। पिछले कुछ दिनों से कमी के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब स्थिति सुधरने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार, लेवी लागू होने के बाद ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से कई सप्लायरों ने जानवरों की आपूर्ति कम कर दी थी। इसका सीधा असर कश्मीर के मटन बाजार पर पड़ा था, जो बड़ी मात्रा में बाहरी राज्यों से आने वाले पशुओं पर निर्भर रहता है।

कश्मीर में मटन की खपत काफी अधिक है और यह स्थानीय भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। इसी कारण यह मुद्दा तेजी से गंभीर रूप ले गया था।

सरकारी स्तर पर हुई बातचीत के बाद लेवी को हटाने का निर्णय लिया गया, जिसे व्यापारियों ने एक सकारात्मक कदम बताया है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि इस फैसले से दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी और भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराज्यीय परिवहन पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ता है। ऐसे में समय रहते हस्तक्षेप और संवाद से समस्या का समाधान संभव हो सका।

फिलहाल मटन सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और बाजार में आपूर्ति बहाल होने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि भविष्य में इस तरह की बाधाएं उत्पन्न न हों।

इस प्रकार, पंजाब सरकार द्वारा लेवी वापस लिए जाने के बाद कश्मीर का मटन संकट समाप्त हो गया है, जिससे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को बड़ी राहत मिली है।

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