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जम्मू और कश्मीर
इंटीग्रल योग और मानसिक परिवर्तन पर Jammu में जन जागरूकता लेक्चर
Ratna Netam
5 May 2026 5:38 PM IST

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Jammu.जम्मू: जम्मू में हाल ही में इंटीग्रल योग और साइकोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन पर एक पब्लिक लेक्चर का आयोजन किया गया। इस लेक्चर का उद्देश्य लोगों में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के तरीकों पर प्रकाश डालना था।
इस कार्यक्रम में योग विशेषज्ञ, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इंटीग्रल योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का एक मार्ग है। उन्होंने कहा कि योग का नियमित अभ्यास व्यक्ति को तनाव मुक्त, सशक्त और सकारात्मक दृष्टिकोण वाला बनाता है।
मुख्य वक्ता ने कहा कि साइकोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन का मतलब है अंदरूनी बदलाव लाना, मानसिक शक्ति बढ़ाना और सकारात्मक सोच को विकसित करना। उन्होंने बताया कि यह परिवर्तन व्यक्ति की व्यक्तिगत जीवनशैली, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक रिश्तों में सुधार लाने में मदद करता है।
इस मौके पर उपस्थित नागरिकों ने लेखक और वक्ताओं के सुझावों और तकनीकों को उत्सुकता से सुना। उन्होंने कहा कि आज के तेज़ और तनावपूर्ण जीवन में योग और मानसिक परिवर्तन के तरीकों को अपनाना बेहद जरूरी है। पब्लिक लेक्चर में मेडिटेशन, प्राणायाम और सकारात्मक सोच की तकनीकें दर्शकों को प्रदर्शित की गईं।
एक वक्ता ने विशेष रूप से बताया कि योग और मानसिक परिवर्तन का संयुक्त अभ्यास जीवन में स्थायी सुधार लाने का सबसे कारगर तरीका है। उन्होंने कहा कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध होता है, और यदि दोनों को संतुलित रखा जाए, तो व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त और खुशहाल रहता है।
कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने भी हिस्सा लिया। आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज में मानसिक स्वास्थ्य और योग के महत्व को बढ़ावा देने का प्रयास था। उन्होंने भविष्य में और भी कार्यशालाओं और पब्लिक लेक्चर आयोजित करने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक लोग योग और साइकोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के लाभों से लाभान्वित हो सकें।
अंत में, वक्ताओं ने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में योग और मानसिक बदलाव की आदतें अपनाएँ। उन्होंने कहा कि केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के संतुलन को बनाए रखना जीवन में सच्ची सफलता और खुशी का मार्ग है।
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