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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को श्रीनगर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अधूरे चुनावी वादों, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा कार्यकर्ता लाल चौक स्थित घंटा घर पर एकत्र हुए और वहां से सिविल सचिवालय की ओर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सरकार से जवाब मांगा।
प्रदर्शन में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से इस्तीफे की मांग भी की। भाजपा का आरोप है कि सरकार अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है।
लाल चौक पर गूंजे सरकार विरोधी नारे
श्रीनगर का ऐतिहासिक लाल चौक बुधवार को भाजपा के विरोध प्रदर्शन का केंद्र बना। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता घंटा घर के पास जुटे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने “उमर तेरी सरकार में अंधेरा ही अंधेरा है”, “गली-सड़ी सरकार को एक धक्का और दे” और “उमर सरकार हाय-हाय” जैसे नारे लगाए। हाथों में पार्टी के झंडे और सरकार विरोधी संदेश लेकर कार्यकर्ताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने घंटा घर से सिविल सचिवालय की ओर मार्च शुरू किया। इस दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बनी रही।
अधूरे वादों को बनाया मुद्दा
भाजपा ने प्रदर्शन के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना था कि सत्ता में आने से पहले जनता से कई बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उन पर अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दी।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से चुनावी घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन का हिसाब देने की मांग की। भाजपा नेताओं का आरोप है कि आम लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं और सरकार जनता को राहत देने में नाकाम रही है।
बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला
विरोध प्रदर्शन में बेरोजगारी भी प्रमुख मुद्दा रही। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
पार्टी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार से रोजगार सृजन और भर्ती से जुड़े मामलों पर स्पष्ट नीति सामने रखने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और सरकारी स्तर पर रिक्त पदों तथा रोजगार योजनाओं को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी घेरा
भाजपा ने प्रदर्शन के दौरान भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को घेरने की कोशिश की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए।
हालांकि प्रदर्शन के दौरान लगाए गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोप भाजपा के राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों पर सरकार की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
भाजपा ने मांग की कि शासन और प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा जनता से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय हो।
उमर अब्दुल्ला से इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से इस्तीफे की मांग भी की। उनका आरोप था कि सरकार लोगों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों की अनदेखी हुई है। पार्टी ने दावा किया कि आम जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान के बजाय सरकार राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है।
घंटा घर से सिविल सचिवालय तक मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत लाल चौक के घंटा घर से हुई। यहां कार्यकर्ताओं के एकत्र होने के बाद मार्च सिविल सचिवालय की ओर बढ़ा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता लगातार सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे।
सिविल सचिवालय प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में वहां तक मार्च निकालने की कोशिश के जरिए भाजपा ने सरकार तक अपना विरोध और मांगें पहुंचाने का प्रयास किया।
प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी गई। लाल चौक जैसे संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्र में राजनीतिक प्रदर्शन के कारण गतिविधियां तेज रहीं।
सरकार के दो साल के कामकाज पर सवाल
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार के दो वर्षों के कामकाज पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि इस अवधि में आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं हुआ।
भाजपा ने दावा किया कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने, युवाओं को रोजगार देने और शासन व्यवस्था में सुधार के मोर्चे पर सरकार विफल रही है। पार्टी ने सरकार से अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और चुनावी वादों की स्थिति जनता के सामने रखने की मांग की।
जनता के हितों की अनदेखी का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को प्राथमिकता नहीं दी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही है और इन मुद्दों को लेकर सरकार को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका विरोध आगे भी जारी रह सकता है। भाजपा ने अपने प्रदर्शन को सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी की आवाज बताया।
राजनीतिक माहौल गरमाया
श्रीनगर के लाल चौक पर हुए इस विरोध प्रदर्शन से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होता दिखाई दिया। भाजपा ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कथित अधूरे वादों को आधार बनाकर सीधे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को निशाने पर लिया है।
दूसरी ओर, इन आरोपों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। सरकार की प्रतिक्रिया के बाद भाजपा के आरोपों और सत्ता पक्ष के जवाब को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।
लाल चौक बना सियासी विरोध का केंद्र
बुधवार का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि भाजपा ने श्रीनगर के लाल चौक जैसे प्रमुख स्थान को विरोध के लिए चुना। घंटा घर से सिविल सचिवालय तक मार्च के जरिए पार्टी ने सरकार के खिलाफ अपने अभियान को सार्वजनिक रूप से मजबूती से सामने रखने की कोशिश की।
भाजपा ने साफ किया कि वह अधूरे वादों, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरती रहेगी। मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग और सरकार विरोधी नारों के बीच हुए इस प्रदर्शन ने जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष को एक बार फिर तेज कर दिया है।





