जम्मू और कश्मीर

विज्ञान और अनुसंधान क्षेत्र में PRF की उपलब्धियां

Ratna Netam
11 April 2026 2:58 PM IST
विज्ञान और अनुसंधान क्षेत्र में PRF की उपलब्धियां
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Jammu.जम्मू: पंजाब रिसर्च फाउंडेशन (PRF) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी डी सेठी ने हाल ही में नेशनल एचपीटीएलसी अवॉर्ड्स में पहला पुरस्कार जीतकर प्रतिष्ठित उपलब्धि हासिल की है। इस सम्मान के माध्यम से उनके अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्ट योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई है।
अवॉर्ड समारोह में देशभर के विज्ञान और अनुसंधान क्षेत्रों के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। जूरी ने डॉ. सेठी को उनकी अनुसंधान परियोजनाओं, तकनीकी नवाचार और समाज पर प्रभाव डालने वाले कार्यों के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया।
डॉ. पी डी सेठी ने अपने पुरस्कार की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत और सहयोग की सफलता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस उपलब्धि से उन्हें भविष्य में और प्रभावशाली अनुसंधान करने की प्रेरणा मिली है।
पीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि डॉ. सेठी ने एचपीटीएलसी (High-Performance Thin-Layer Chromatography) के क्षेत्र में नई तकनीकियों और अनुप्रयोगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नवाचारों ने वैज्ञानिक समुदाय और उद्योग क्षेत्र दोनों में प्रभाव डाला है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पुरस्कार न केवल डॉ. सेठी के व्यक्तिगत कौशल और समर्पण को पहचानता है, बल्कि पीआरएफ की समग्र प्रगति और उत्कृष्टता को भी दर्शाता है। यह राष्ट्रीय स्तर पर पीआरएफ की छवि और वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को मजबूती प्रदान करता है।
अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद पीआरएफ ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के सभी शोधकर्ताओं और कर्मचारियों की टीम वर्क और प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने सभी को धन्यवाद दिया कि उन्होंने अनुसंधान, नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास किया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों ने भी डॉ. पी डी सेठी की उपलब्धियों और उनके योगदान की सराहना की। इससे यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के लिए पीआरएफ एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
कुल मिलाकर, डॉ. पी डी सेठी द्वारा नेशनल एचपीटीएलसी अवॉर्ड्स में पहला पुरस्कार जीतना पीआरएफ और देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि अनुसंधान, नवाचार और टीम वर्क की शक्ति को उजागर करती है और भविष्य में और बड़ी सफलताओं की राह खोलती है।
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