जम्मू और कश्मीर

कश्मीर में विंटर टूरिज्म की तैयारी तेज

Kavita2
20 Oct 2026 5:58 PM IST
कश्मीर में विंटर टूरिज्म की तैयारी तेज
x

श्रीनगर। सर्दियों की दस्तक के साथ ही धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। बर्फ की सफेद चादर से ढके पहाड़ों, खूबसूरत घाटियों और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए देश-विदेश के पर्यटक अपनी यात्रा की योजनाएं बनाने लगे हैं। वहीं, पर्यटन विभाग भी आगामी शीतकालीन पर्यटन सीजन को यादगार बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार कर रहा है। इस बार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कृत्रिम बर्फ बनाने, कश्मीर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखाने और गुलमर्ग, पहलगाम तथा सोनमर्ग के अलावा कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य पर्यटन सीजन में अधिक से अधिक लोगों को घाटी की ओर आकर्षित करना और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को नई गति देना है।

शीतकालीन पर्यटन को लेकर तैयारियां शुरू

कश्मीर में सर्दियों का मौसम पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषकर बर्फबारी के दौरान घाटी की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है।

हर साल बड़ी संख्या में लोग बर्फबारी देखने, स्कीइंग का आनंद लेने और पहाड़ों के बीच छुट्टियां बिताने के लिए कश्मीर पहुंचते हैं।

इसी को देखते हुए पर्यटन विभाग ने इस वर्ष शीतकालीन पर्यटन को और अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में योजनाएं तैयार करनी शुरू कर दी हैं।

विभाग की कोशिश है कि पर्यटकों को केवल प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, खानपान और साहसिक गतिविधियों का भी अनुभव मिले।

इसके लिए पर्यटन कारोबार से जुड़े होटल संचालक, ट्रैवल एजेंट और अन्य व्यवसायी भी अपनी तैयारियों में जुटे हैं।

गुलमर्ग में कृत्रिम बर्फ बनाने की योजना

कश्मीर के प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थलों में शामिल गुलमर्ग में इस बार कृत्रिम बर्फ बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य प्राकृतिक बर्फबारी कम होने की स्थिति में भी कुछ निर्धारित क्षेत्रों में स्कीइंग जैसी गतिविधियों को जारी रखने की संभावना तलाशना है।

कृत्रिम बर्फ बनाने की तकनीक में विशेष मशीनों की सहायता से अनुकूल तापमान और मौसम की परिस्थितियों में बर्फ तैयार की जाती है।

हालांकि, इस तकनीक को लागू करने के लिए पानी, बिजली, तापमान और पर्यावरणीय प्रभाव जैसे पहलुओं का अध्ययन आवश्यक होता है।

यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो शीतकालीन खेलों से जुड़ी गतिविधियों को मौसम की अनिश्चितता से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

पर्यटकों को परोसे जाएंगे कश्मीर के पारंपरिक व्यंजन

पर्यटन विभाग की तैयारियों में कश्मीर के पारंपरिक खानपान को बढ़ावा देना भी शामिल है।

घाटी की संस्कृति में कश्मीरी वाजवान का विशेष महत्व है। इसमें रोगन जोश, गुश्ताबा, रिस्ता और यखनी जैसे व्यंजन प्रमुख माने जाते हैं।

इसके अलावा कश्मीरी कहवा, नून चाय और स्थानीय रोटियां भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं।

पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि यात्रियों को स्थानीय खानपान का बेहतर अनुभव उपलब्ध कराया जाए, तो इससे उनके यात्रा अनुभव को और समृद्ध बनाया जा सकता है।

इस पहल से स्थानीय रसोइयों, रेस्तरां संचालकों और छोटे कारोबारियों को भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

पहलगाम और सोनमर्ग के अलावा नए पर्यटन स्थलों पर जोर

कश्मीर पर्यटन विभाग की रणनीति में प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के साथ कम चर्चित स्थानों को भी बढ़ावा देना शामिल है।

गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग पहले से पर्यटकों के पसंदीदा स्थल हैं। लेकिन घाटी में कई ऐसे खूबसूरत स्थान भी हैं, जहां पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

इनमें दूधपथरी, यूसमर्ग, गुरेज घाटी और कोकरनाग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। विभाग की कोशिश है कि पर्यटन गतिविधियां कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित न रहें।

जम्मू-कश्मीर के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी नए पर्यटन स्थलों के विकास, होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

स्कीइंग और साहसिक खेलों से बढ़ेगा आकर्षण

कश्मीर का गुलमर्ग शीतकालीन खेलों के लिए देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

पर्यटन से जुड़े अधिकारियों का प्रयास है कि शीतकालीन खेलों के लिए आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए।

सोनमर्ग और भद्रवाह में भी शीतकालीन खेलों से संबंधित बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर काम किया जा रहा है। सरकारी आर्थिक सर्वेक्षण में इन क्षेत्रों में स्कीइंग और अन्य गतिविधियों के विस्तार का उल्लेख किया गया है।

होटल और पर्यटन कारोबारियों में उत्साह

सर्दियों का पर्यटन सीजन कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

होटल, हाउसबोट, टैक्सी, रेस्तरां, ट्रैवल एजेंसियों और पर्यटन गाइडों की आजीविका पर्यटकों की आवाजाही से जुड़ी होती है।

शीतकालीन पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

विशेष रूप से दूरदराज के पर्यटन स्थलों में होमस्टे और स्थानीय सेवाओं को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ने की संभावना है।

पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान

कश्मीर में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण कई बार सड़क यातायात प्रभावित हो जाता है। तापमान में गिरावट और पहाड़ी मार्गों पर फिसलन के चलते पर्यटकों की सुरक्षा महत्वपूर्ण चुनौती रहती है।

ऐसे में पर्यटन विभाग के साथ परिवहन, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक होगा।

पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम की स्थिति, सड़क मार्गों और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।

बर्फबारी के साथ बढ़ेगी पर्यटन की रौनक

अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में गुलमर्ग, सोनमर्ग और कश्मीर के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की पहली बर्फबारी की खबरें सामने आई हैं। इससे आने वाले शीतकालीन पर्यटन सीजन को लेकर उत्साह बढ़ा है। हालांकि, सभी पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी एक साथ शुरू नहीं होती और मौसम के अनुसार परिस्थितियां बदलती रहती हैं।

कश्मीर के शीतकालीन पर्यटन को नई पहचान देने के लिए कृत्रिम बर्फ, पारंपरिक खानपान, साहसिक खेलों और नए पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

फिलहाल कृत्रिम बर्फ बनाने की परियोजना के क्रियान्वयन और संबंधित सुविधाओं की अंतिम समयसीमा की पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं की प्रगति पर पर्यटन कारोबारियों और पर्यटकों की नजर रहेगी।

Next Story