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Ladakh में 1925 करोड़ की बिजली परियोजनाएं सितंबर तक होंगी पूरी

Ladakh लद्दाख : तीन महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन परियोजनाएं आगामी सितंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जंस्कार, नुब्रा और सियाचिन बेस कैंप जैसे दूरस्थ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत 1925 करोड़ रुपये की लागत से इन परियोजनाओं को विकसित किया जा रहा है। इनमें द्रास से पदुम और फ्यांग से डिस्किट तक 220 केवी की हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं। यह नेटवर्क लद्दाख के दूरदराज क्षेत्रों को राष्ट्रीय पावर ग्रिड से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लद्दाख के कुल सात में से छह क्षेत्र सीधे पावर ग्रिड से जुड़ जाएंगे। इसके बाद चांगथांग क्षेत्र को अगले चरण में ग्रिड से जोड़ने की योजना है। इससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनने की उम्मीद है।
परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन, आजीविका और समग्र विकास के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं से डीजल जनरेटर पर निर्भरता में कमी आएगी, जिससे न केवल आर्थिक बोझ घटेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण सुधार होगा। यह कदम लद्दाख को कार्बन न्यूट्रल बनाने के लक्ष्य को भी मजबूत करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसमिशन लाइनें पूरी होने के बाद क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास संभव होगा और रणनीतिक दृष्टि से भी सीमावर्ती इलाकों की क्षमता बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, यह बिजली परियोजना लद्दाख के विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।





