जम्मू और कश्मीर

पुंछ के छात्र ने भारतीय सेना में शामिल होने का सपना किया साझा

SHIDDHANT
28 Dec 2025 9:44 PM IST
पुंछ के छात्र ने भारतीय सेना में शामिल होने का सपना किया साझा
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Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर: सीमावर्ती जिले पुंछ से देशभक्ति और प्रेरणा से जुड़ी एक उत्साहवर्धक तस्वीर सामने आई है, जहां एक छात्र ने भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का संकल्प दोहराया है। एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) से जुड़े इस छात्र का कहना है कि विभिन्न एनसीसी कैंपों में भाग लेने और वहां भारतीय सेना के अनुशासन, समर्पण और सेवा भावना को करीब से देखने के बाद उसके मन में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा हुआ।
छात्र ने कहा, “मैं देश की सेवा करना चाहता हूं। मैं एक एनसीसी कैडेट हूं और कई एनसीसी कैंपों में भाग ले चुका हूं। इन कैंपों ने मुझे बहुत प्रेरित किया। जब मैंने वहां भारतीय सेना के जवानों को देखा, उनकी वर्दी, उनका अनुशासन और देश के प्रति उनका समर्पण देखा, तभी से मैं भी वह वर्दी पहनने का सपना देखने लगा। छात्र ने आगे बताया कि एनसीसी कैंपों के दौरान उसे न केवल शारीरिक प्रशिक्षण मिला, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनने का अवसर मिला। ड्रिल, परेड, शारीरिक व्यायाम, हथियारों की जानकारी और आपदा प्रबंधन जैसे
प्रशिक्षणों
ने उसमें आत्मविश्वास पैदा किया। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों और सेना के जवानों से संवाद ने उसके भीतर देश के लिए बलिदान और सेवा की भावना को और मजबूत किया।
पुंछ जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील जिले में रहने वाले युवाओं के लिए भारतीय सेना सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि गौरव और सुरक्षा का प्रतीक है। छात्र ने कहा कि वह बचपन से ही सेना के जवानों को सीमा की रक्षा करते हुए देखता आया है। कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए डटे रहने वाले जवानों को देखकर उसे हमेशा गर्व महसूस हुआ। एनसीसी से जुड़ने के बाद यह भावना और प्रबल हो गई। उसने बताया कि एनसीसी कैंपों में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। समय की पाबंदी, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों को विकसित किया जाता है, जो सेना में जाने के लिए बेहद जरूरी हैं। छात्र का मानना है कि एनसीसी युवाओं के लिए सेना और अन्य रक्षा सेवाओं में जाने की एक मजबूत नींव तैयार करता है।
छात्र ने कहा, “एनसीसी ने मुझे सिखाया कि देश पहले है। जब हम वर्दी पहनते हैं, तो हमें यह अहसास होता है कि हम सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए जिम्मेदार हैं। यही भावना मुझे भारतीय सेना में जाने के लिए प्रेरित करती है। स्थानीय शिक्षकों और एनसीसी अधिकारियों का भी मानना है कि ऐसे युवाओं की सोच आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। उनका कहना है कि एनसीसी न केवल युवाओं को अनुशासित बनाता है, बल्कि उनमें राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास करता है।
पुंछ जिले में बड़ी संख्या में युवा एनसीसी से जुड़ रहे हैं और सेना, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां के युवाओं में देश की सुरक्षा को लेकर विशेष संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना देखी जाती है।
छात्र ने अंत में कहा कि वह पूरी मेहनत और लगन से तैयारी कर रहा है, ताकि एक दिन भारतीय सेना का हिस्सा बनकर देश की सेवा कर सके। उसका मानना है कि अगर इरादा मजबूत हो और मार्गदर्शन सही मिले, तो कोई भी युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है। पुंछ के इस छात्र की कहानी न केवल जम्मू-कश्मीर, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि अनुशासन, समर्पण और देशप्रेम के साथ आगे बढ़कर राष्ट्र सेवा का सपना जरूर पूरा किया जा सकता है।
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