जम्मू और कश्मीर

कठुआ में नशा तस्करी के आरोप में पुलिसकर्मी बर्खास्त, SSPने की कार्रवाई

Kavita2
5 Aug 2026 9:55 AM IST
कठुआ में नशा तस्करी के आरोप में पुलिसकर्मी बर्खास्त, SSPने की कार्रवाई
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कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी में कथित संलिप्तता पाए जाने पर एक पुलिसकर्मी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि नशे के कारोबार से जुड़े मामले में शामिल होने के आरोप में सिलेक्शन ग्रेड कॉन्स्टेबल आफताब अहमद को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मोहिता शर्मा के निर्देश पर की गई।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, बर्खास्त किया गया पुलिसकर्मी रियासी जिले का रहने वाला है। उस पर नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में शामिल होने का आरोप था। पुलिस विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य मानते हुए सख्त कदम उठाया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में तैनात किसी भी कर्मचारी की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस बल का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और समाज को अपराध तथा नशे जैसी समस्याओं से सुरक्षित रखना है। ऐसे में यदि कोई पुलिसकर्मी ही इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी मोहिता शर्मा ने सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए सिलेक्शन ग्रेड कॉन्स्टेबल आफताब अहमद को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला विभागीय जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर लिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून का पालन कराने वाले कर्मचारियों के लिए अनुशासन और ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जम्मू-कश्मीर पुलिस लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चला रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है, क्योंकि इन इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिशें सामने आती रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि नशे का कारोबार युवाओं और समाज के लिए गंभीर खतरा है। इसी कारण पुलिस विभाग नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है। साथ ही विभाग के अंदर मौजूद ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि विभाग की नीति साफ है कि किसी भी कर्मचारी को कानून तोड़ने या आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिसकर्मी यदि अपने पद का दुरुपयोग करते हैं या अपराध में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सामान्य नागरिकों की तरह ही नहीं बल्कि विभागीय नियमों के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की ओर से एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे कदमों से विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। इससे आम लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होता है।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार चिंता जताती रही हैं। सीमापार से नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिशों को रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर ऐसे नेटवर्क को खत्म करने का प्रयास कर रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल बाहरी तस्करों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों पर नजर रखना जरूरी है जो किसी भी स्तर पर इस अवैध कारोबार को बढ़ावा देते हैं। पुलिस विभाग द्वारा अपने ही कर्मचारी के खिलाफ की गई कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में यदि कोई अन्य कर्मचारी इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कठुआ में पुलिसकर्मी की बर्खास्तगी का यह मामला विभाग के भीतर अनुशासन बनाए रखने और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि समाज को नशे के खतरे से बचाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाते रहेंगे।

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