- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- अमरनाथ यात्रा में...
जम्मू और कश्मीर
अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता की मिसाल PM मोदी ने सराहा कचरा प्रबंधन मॉडल
nidhi
31 Aug 2026 11:16 AM IST

x
अमरनाथ यात्रा बनी स्वच्छता की नई पहचान
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान चलाए गए स्वच्छता अभियान और कचरा प्रबंधन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पवित्र यात्रा में श्रद्धालुओं, सफाई कर्मियों और प्रशासन की जनभागीदारी ने स्वच्छता का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हजारों सफाई कर्मियों ने दिन-रात काम किया। यात्रा मार्ग से बड़ी मात्रा में कचरा एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में श्रद्धालुओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और स्वच्छता को सेवा और आस्था से जोड़ा।
400 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरे का प्रबंधन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरे को एकत्र कर प्रोसेस किया गया। इसके अलावा हजारों श्रद्धालुओं ने स्वच्छता का संकल्प लिया और कई यात्रियों को जिम्मेदार यात्री के रूप में सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि इतनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्वच्छता अभियान चलाना आसान काम नहीं था, लेकिन जनभागीदारी और बेहतर प्रबंधन के कारण यह संभव हो पाया।
घोड़े-खच्चरों के गोबर से तैयार हुई बायोगैस
अमरनाथ यात्रा की स्वच्छता पहल में सबसे खास प्रयोग घोड़े और खच्चरों के गोबर से बायोगैस तैयार करना रहा। प्रधानमंत्री ने बताया कि यात्रा मार्ग पर जमा होने वाले इस जैविक कचरे को बायोगैस में बदला गया और इसी स्वच्छ ऊर्जा से 'स्वच्छ ज्योति' प्रज्ज्वलित की गई। इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनोखा कदम माना जा रहा है। इससे जहां कचरे का बेहतर प्रबंधन हुआ, वहीं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिला।
श्रद्धालुओं की भागीदारी बनी अभियान की ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब किसी अभियान में आम लोगों की भागीदारी जुड़ जाती है तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं के सहयोग को स्वच्छता अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान न मानकर अपनी जिम्मेदारी समझें। उनका कहना था कि जब लोग किसी स्थान को साफ रखने का संकल्प लेते हैं तो उस जगह की पहचान और सुंदरता दोनों बदल जाती हैं।
तीर्थ स्थलों पर स्वच्छता को बढ़ावा
अमरनाथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण बड़ी चुनौती होती है। इस पहल से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान भी प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बायोगैस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भविष्य में अन्य बड़े आयोजनों और पर्यटन स्थलों पर भी किया जा सकता है। इससे कचरे को बोझ के बजाय संसाधन में बदला जा सकता है। प्रधानमंत्री की ओर से अमरनाथ यात्रा के स्वच्छता अभियान की सराहना के बाद इसे देशभर में जनभागीदारी आधारित स्वच्छता मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
Next Story





