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प्याज के दामों में उछाल, 60 रुपये किलो तक पहुंची कीमत

जम्मू : बाजार में प्याज की कीमतों में अचानक तेजी आने से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। एक महीने पहले तक जिस प्याज की कीमत करीब 35 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम थी, वह अब बढ़कर 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है। यानी कुछ ही समय में प्याज के दाम में करीब डेढ़ गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। खाद्य पदार्थों और सब्जियों की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच प्याज के महंगे होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
स्थानीय बाजार में प्याज की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बजट पर दिखाई देने लगा है। लोगों का कहना है कि पहले से ही सब्जियों के दाम अधिक होने के कारण घर का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा था। अब प्याज की कीमत में तेजी ने रसोई का हिसाब और बिगाड़ दिया है।
35-40 रुपये से 60 रुपये किलो हुआ प्याज
एक महीने पहले बाजार में प्याज लगभग 35 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से आसानी से उपलब्ध था। अब यही प्याज 60 रुपये किलो तक बिक रहा है। कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है।
लोगों का कहना है कि प्याज रोजमर्रा के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सब्जी, दाल, सलाद और कई अन्य व्यंजनों में इसका इस्तेमाल होता है। ऐसे में कीमत बढ़ने के बावजूद इसकी जरूरत को पूरी तरह कम करना आसान नहीं है।
प्याज खरीदने पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि पहले प्याज काटते समय आंखों में आंसू आते थे, लेकिन अब इसकी कीमत देखकर ही आंखों में आंसू आ रहे हैं। महंगाई पर लोगों की यह प्रतिक्रिया बाजार की मौजूदा स्थिति को बयां कर रही है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है कीमत
बाजार में चर्चा है कि आने वाले हफ्तों में प्याज की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। यदि आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन नहीं बन पाया तो खुदरा बाजार में प्याज के दाम और ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि कीमतों में आगे कितनी वृद्धि होगी, यह बाजार में आवक, उपलब्ध स्टॉक और मांग समेत कई कारकों पर निर्भर करेगा। फिलहाल 60 रुपये किलो तक पहुंची कीमत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
महंगी सब्जियों के बीच प्याज का झटका
पिछले कुछ समय से कई सब्जियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में परिवारों को पहले से ही सब्जियों की खरीदारी के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अब प्याज के महंगे होने से रसोई का बजट और प्रभावित हुआ है।
गृहिणियों का कहना है कि महीने का बजट तय करते समय सब्जियों और खाद्य पदार्थों के लिए एक निश्चित राशि रखी जाती है। लेकिन लगातार बढ़ते दामों के कारण उसी बजट में जरूरी सामान खरीदना मुश्किल हो रहा है।
एक तरफ हरी सब्जियों की कीमतें परेशान कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ प्याज जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु महंगी होने से लोगों की मुश्किल बढ़ गई है।
कीमत बढ़ी, गुणवत्ता पर भी सवाल
उपभोक्ताओं की एक और शिकायत यह है कि प्याज महंगा होने के बावजूद उसकी गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल रही है। कई ग्राहकों का कहना है कि बाजार में उपलब्ध प्याज में छोटे आकार और खराब गुणवत्ता वाले प्याज भी दिखाई दे रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि कीमत बढ़ रही है तो कम से कम अच्छी गुणवत्ता का प्याज मिलना चाहिए। लेकिन कई जगह ग्राहकों को कीमत अधिक देने के बावजूद अपेक्षाकृत कमजोर गुणवत्ता का प्याज खरीदना पड़ रहा है।
इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी और बढ़ रही है। लोग चाहते हैं कि बाजार में प्याज की कीमत और गुणवत्ता की निगरानी की जाए, ताकि उन्हें उचित कीमत पर बेहतर उत्पाद मिल सके।
आम परिवारों पर सीधा असर
प्याज की कीमत में वृद्धि का सबसे अधिक असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। जिन परिवारों का घरेलू बजट पहले से सीमित है, उनके लिए रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमत में मामूली बढ़ोतरी भी महत्वपूर्ण होती है।
60 रुपये किलो प्याज खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में काफी अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। ऐसे में कई परिवार प्याज की खरीद की मात्रा कम करने या कम इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार इसी तरह बढ़ोतरी होती रही तो घरेलू खर्च चलाना और कठिन हो जाएगा।
बाजार में निगरानी की जरूरत
प्याज के दामों में अचानक आई तेजी के बीच उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को बाजार की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। व्यापारियों से प्याज की खरीद और बिक्री की वास्तविक कीमतों की जानकारी लेकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अनावश्यक रूप से कीमतों में वृद्धि न हो।
इसके साथ ही प्याज की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है। यदि बाजार में पर्याप्त आवक बनी रहती है तो कीमतों में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।
रसोई का बिगड़ रहा हिसाब
प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब आम परिवार पहले से ही महंगाई का सामना कर रहे हैं। चीनी समेत अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच अब प्याज के दाम बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
एक महीने में 35-40 रुपये से बढ़कर 60 रुपये किलो तक पहुंची प्याज की कीमत ने घरेलू बजट पर सीधा असर डाला है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाजार में प्याज की आवक बढ़ेगी और कीमतों में राहत मिलेगी।
फिलहाल बाजार में प्याज के बढ़ते दाम आम आदमी के लिए चर्चा और चिंता दोनों का विषय बने हुए हैं। लोगों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले हफ्तों में प्याज की कीमतें स्थिर होती हैं या फिर महंगाई का यह सिलसिला और आगे बढ़ता है।





