जम्मू और कश्मीर

PoK पर उमर का बयान भारत से जुड़ना सही फैसला

Kavita2
15 Aug 2026 3:07 PM IST
PoK पर उमर का बयान भारत से जुड़ना सही फैसला
x

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा और राज्य का दर्जा खत्म नहीं किया होता, तो PoK के लोग जम्मू-कश्मीर के साथ जुड़ने के लिए तैयार हो जाते।

श्रीनगर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वर्ष 1947 में जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भारत के साथ शामिल होने का जो फैसला लिया था, वह सही निर्णय था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जो हालात दिखाई दे रहे हैं, वे इस बात को साबित करते हैं कि उस समय लिया गया फैसला सही था।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि PoK में रहने वाले लोग आज कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने वहां के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने वाले लोगों के साथ सख्ती बरती गई। उन्होंने दावा किया कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने पर कई लोगों की जान गई, कई घायल हुए और कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने 1947 में पाकिस्तान से आए कबायली हमलावरों का विरोध किया था और भारत के साथ रहने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि उस समय के लोगों ने जो निर्णय लिया, वह आज के हालात में और स्पष्ट दिखाई देता है।

अपने संबोधन में उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति और भविष्य को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर प्रदेश की प्रगति में योगदान देने की अपील की।

उन्होंने केंद्र सरकार के वर्ष 2019 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने और राज्य का दर्जा हटाने से कई राजनीतिक और सामाजिक बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पहले की स्थिति बनी रहती तो PoK के लोगों को जम्मू-कश्मीर के साथ जुड़ने का विकल्प अधिक आकर्षक लग सकता था।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान, अधिकार और सम्मान महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना किसी भी सरकार की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर आने वाले समय में शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के अधिकारों और जिम्मेदारियों से जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से चुनौतियों का सामना करते आए हैं, लेकिन अब प्रदेश में विकास और स्थिरता का नया दौर शुरू होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उमर अब्दुल्ला के इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर और देश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। उनके बयान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। जहां उनके समर्थक इसे क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने वाला बयान बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के मंच से मुख्यमंत्री का यह बयान जम्मू-कश्मीर और PoK से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर केंद्रित रहा। उन्होंने अपने संबोधन में लोकतंत्र, अधिकारों और क्षेत्रीय विकास पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि जम्मू-कश्मीर का भविष्य शांति, लोकतंत्र और विकास से जुड़ा है। उन्होंने लोगों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में योगदान देने की अपील की।

Next Story