जम्मू और कश्मीर

Gen Z की छवि पर उमर की चिंता, बोले ऐसी हरकतों से भरोसा कमजोर होता है

Ratna Netam
19 Aug 2026 8:38 PM IST
Gen Z की छवि पर उमर की चिंता, बोले ऐसी हरकतों से भरोसा कमजोर होता है
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जम्मू-कश्मीर : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो और उसमें इस्तेमाल किए गए **'हम जेन-जी हैं'** जैसे वाक्य को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद या बहस में अपनी पीढ़ी की पहचान को ताकत या दबाव बनाने के तरीके के रूप में इस्तेमाल करना गलत है। उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए कहा कि **“हम जेन-जी हैं” अब कहीं-कहीं “जानते हो मेरा बाप कौन है” वाले रवैये का नया रूप बनता जा रहा है।
उमर अब्दुल्ला की यह टिप्पणी उस समय आई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक महिला पर्यटक और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस दिखाई दे रही थी। वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे, लेकिन उमर अब्दुल्ला ने मुख्य रूप से उस सोच पर सवाल उठाया जिसमें कोई व्यक्ति अपनी उम्र या पीढ़ी की पहचान को बहस में दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करता है।
वायरल वीडियो पर उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में एक महिला खुद को जेन-जी बताते हुए अपनी बात रखती नजर आई। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे युवाओं की बेबाकी बताया, जबकि कुछ ने इसे अधिकार जताने वाला रवैया करार दिया।
इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जेन-जी एक पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती है और इस पीढ़ी की अपनी सकारात्मक पहचान है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति हर छोटी बात पर अपनी पीढ़ी का नाम लेकर दबाव बनाने लगे तो इससे पूरी पीढ़ी की छवि प्रभावित हो सकती है।
'जेन-जी' शब्द पर क्यों हुई बहस?
जेन-जी यानी Generation Z को आमतौर पर डिजिटल युग में पली-बढ़ी पीढ़ी माना जाता है। यह पीढ़ी तकनीक, सोशल मीडिया और तेज संचार के दौर में बड़ी हुई है। युवाओं का यह वर्ग अपने विचार खुलकर रखने के लिए जाना जाता है।
हालांकि, सोशल मीडिया के दौर में कई बार किसी समूह या पहचान का इस्तेमाल बहस में बढ़त हासिल करने के लिए भी किया जाता है। उमर अब्दुल्ला ने इसी प्रवृत्ति पर चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि अगर जेन-जी शब्द को धमकी या दबाव बनाने के तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा तो इससे इस पीढ़ी के प्रति बनी सकारात्मक छवि कमजोर हो सकती है।
उमर ने दी चेतावनी
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि किसी भी पीढ़ी की पहचान को गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि युवाओं की आवाज महत्वपूर्ण है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका भी उतना ही मायने रखता है।
उनका कहना है कि विरोध या असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन बातचीत में सम्मान और संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
जेन-जी को लेकर पहले भी बोले हैं उमर
यह पहली बार नहीं है जब उमर अब्दुल्ला ने जेन-जी को लेकर टिप्पणी की है। इससे पहले भी उन्होंने युवाओं से जुड़े आंदोलनों और उनकी मांगों पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि युवाओं की चिंताओं को सुनना जरूरी है और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उमर का मानना है कि युवाओं की ऊर्जा और सवाल समाज में बदलाव ला सकते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया के दौर में बदलता संवाद
आज सोशल मीडिया ने हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का मंच दिया है। खासकर युवा पीढ़ी किसी भी मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है और अपनी राय साझा करती है।
लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर बहस कई बार वास्तविक मुद्दे से हटकर पहचान और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है।
युवाओं की भूमिका पर क्या बोले नेता?
राजनीतिक और सामाजिक नेताओं का मानना है कि युवा किसी भी देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। उनकी भागीदारी और सवाल लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं।
लेकिन किसी भी समूह या पीढ़ी की पहचान को दूसरों पर प्रभाव जमाने के लिए इस्तेमाल करना लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
उमर अब्दुल्ला के बयान के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग उनके बयान को युवाओं के व्यवहार पर जरूरी टिप्पणी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे जेन-जी की आलोचना के रूप में देख रहे हैं।
हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने सीधे तौर पर पूरी पीढ़ी पर सवाल नहीं उठाया है, बल्कि उस रवैये की आलोचना की है जिसमें पहचान को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
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