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Omar अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के आरोपों पर दिया जवाब

Jammu जम्मू: पत्रकारों से बातचीत करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि महबूबा मुफ्ती सरकार के खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष जब केंद्र शासित प्रदेश से भाजपा को राज्यसभा सीट मिली थी, उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भी गलत बातें कही जा रही हैं और उसमें उनकी पार्टी की भूमिका को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने महबूबा मुफ्ती का हालिया भाषण सुना है, जिसमें उन्होंने एक अधिकारी से ट्रांसफर के बदले रिश्वत मांगने का दावा किया था। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस तरह के आरोप बिना किसी ठोस सबूत के लगाए जा रहे हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रशासनिक प्रक्रिया में अगर कोई शिकायत होती है तो उसकी जांच का एक तय सिस्टम होता है, लेकिन बिना प्रमाण के इस तरह के बयान देना उचित नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि महबूबा मुफ्ती ने यह भी दावा किया कि इस मामले में कोई जांच इसलिए नहीं हुई क्योंकि कथित रूप से पैसे मांगने वाला व्यक्ति एक मंत्री था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत धारणा है और जनता को गुमराह करने वाली बात है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मामले में नियमों के अनुसार काम करती है और किसी भी आरोप की जांच के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जाती है।
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि राजनीतिक बयानबाजी में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जिम्मेदारी के साथ बात करनी चाहिए और ऐसे गंभीर मुद्दों पर बिना जांच के आरोप नहीं लगाने चाहिए, क्योंकि इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गलत असर पड़ता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का ध्यान विकास कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान पर है। इस तरह के आरोपों से सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास कोई ठोस सबूत है तो उसे संबंधित जांच एजेंसियों के सामने रखा जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक मंचों पर बिना आधार के बयान दिए जाएं।
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, लेकिन सरकार की ओर से यह साफ संकेत दिया गया है कि सभी आरोपों को तथ्य और नियमों के आधार पर ही देखा जाएगा।





