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पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने पर उमर अब्दुल्ला बोले- इस सफर का आकलन करना आसान नहीं

श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को प्रतिक्रिया दी। मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के इतने लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक सफर का आकलन करना आसान नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस उपलब्धि के लिए बधाई भी दी।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लगातार 25 वर्षों तक चुनावी राजनीति में बने रहना और बार-बार लोगों का समर्थन हासिल करना आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने जरूर कुछ ऐसा किया होगा, जिसकी वजह से मतदाताओं ने उन्हें लगातार समर्थन दिया और अलग-अलग चुनावों में उनकी पार्टी को जीत दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक सफर पहले गुजरात और फिर केंद्र की राजनीति से जुड़ा रहा है। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वह मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और फिर देश के प्रधानमंत्री बने। 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के प्रमुख के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे हुए।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि किसी भी नेता के 25 साल के राजनीतिक सफर को कुछ शब्दों में आंकना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक लगातार चुनाव जीतते रहना अपने आप में महत्वपूर्ण है। इसके लिए मतदाताओं से मजबूत जुड़ाव और निरंतर राजनीतिक समर्थन की जरूरत होती है।
मीडिया से बातचीत में उमर ने कहा कि वह अपनी ओर से और अपने सहयोगियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 25 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पहले राज्य स्तर और फिर राष्ट्रीय स्तर पर लगातार चुनावी राजनीति में अपनी मौजूदगी बनाए रखी।
उमर अब्दुल्ला के बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह विपक्षी राजनीतिक दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लंबे राजनीतिक सफर को लेकर सकारात्मक टिप्पणी करते हुए उनके लगातार चुनावी समर्थन का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नेता का लगातार इतने लंबे समय तक मतदाताओं का समर्थन हासिल करना आसान नहीं होता। चुनाव में अंतिम फैसला जनता का होता है और बार-बार जीत इस बात का संकेत होती है कि मतदाताओं के एक बड़े हिस्से ने उस नेता या उसकी राजनीतिक दिशा पर भरोसा जताया है।
हालांकि उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी के पूरे 25 वर्षों के शासन या राजनीतिक कार्यकाल का विस्तार से मूल्यांकन करने से परहेज किया। उन्होंने केवल इतना कहा कि इतनी लंबी यात्रा का एक साथ आकलन करना कठिन है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भाजपा और उससे जुड़े संगठनों ने इसे सेवा, सुशासन और विकास से जोड़कर कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस अवसर पर अपने राजनीतिक और प्रशासनिक सफर को याद करते हुए देशवासियों के समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह यात्रा केवल उनकी व्यक्तिगत यात्रा नहीं है, बल्कि देश के लोगों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से जुड़ा अनुभव भी है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की बात दोहराई।
उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी इस पूरे राजनीतिक माहौल के बीच सामने आई है। उन्होंने किसी राजनीतिक तुलना या विस्तृत समीक्षा के बजाय प्रधानमंत्री मोदी के लंबे चुनावी सफर और उनकी चुनावी सफलता पर ध्यान केंद्रित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गुजरात में और फिर राष्ट्रीय स्तर पर लगातार राजनीतिक सफलता हासिल करना सामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने निश्चित रूप से ऐसा राजनीतिक जुड़ाव बनाया है, जिसकी वजह से लोगों ने उन्हें कई बार अपना समर्थन दिया।
उमर अब्दुल्ला का बयान सोशल और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना। खास तौर पर उनका यह कहना कि “कुछ तो उन्होंने ऐसा किया होगा, जिसकी वजह से लोगों ने उन्हें बार-बार वोट दिया”, राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण टिप्पणी के रूप में देखा गया।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट संकेत दिया कि किसी नेता के पूरे 25 साल के कार्यकाल को केवल चुनावी जीत या हार के आधार पर नहीं आंका जा सकता। इतने लंबे राजनीतिक सफर में शासन, नीतियां, चुनाव, राजनीतिक चुनौतियां और अलग-अलग परिस्थितियां शामिल होती हैं।
नरेंद्र मोदी का यह 25 वर्षीय कार्यकाल 2001 से शुरू होता है, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। 2014 में वह पहली बार प्रधानमंत्री बने और इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में लगातार केंद्रीय भूमिका निभाते रहे।
प्रधानमंत्री के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विभिन्न राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। भाजपा नेताओं ने इसे लंबे सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक अनुभव की उपलब्धि बताया है, जबकि विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं में अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण दिखाई दे रहे हैं।
उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत संतुलित रही। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक सफलता को स्वीकार किया, लेकिन उनके कार्यकाल को लेकर कोई विस्तृत राजनीतिक निर्णय देने से बचते हुए कहा कि उसका आकलन आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने यदि किसी नेता को बार-बार समर्थन दिया है तो उसका राजनीतिक महत्व होता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह समर्थन चुनावी परिणामों के माध्यम से सामने आता है।
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा कई मुद्दों पर अलग-अलग राजनीतिक रुख रखते हैं। इसके बावजूद उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के अवसर पर उन्हें बधाई देने और उनकी लगातार चुनावी सफलता को स्वीकार करने में संकोच नहीं किया।
इस बयान के बाद उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी राजनीतिक चर्चा में आ गई है। उनके बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि 25 वर्षों का मूल्यांकन कठिन है, लेकिन इतने लंबे समय तक चुनावी समर्थन बनाए रखना अपने आप में उल्लेखनीय है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 7 अक्टूबर 2026 एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पड़ाव है। इसी दिन 25 वर्ष पहले उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सरकार का नेतृत्व शुरू किया था। तब से राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर उनकी राजनीतिक भूमिका लगातार बनी हुई है।
फिलहाल उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों पर विपक्षी खेमे से आई एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया के रूप में सामने आई है, जिसमें राजनीतिक मतभेदों से अलग हटकर उनके लंबे चुनावी सफर और मतदाताओं से निरंतर समर्थन मिलने की बात कही गई है।





