जम्मू और कश्मीर

मनोज सिन्हा से मिले उमर अब्दुल्ला, मंत्रिमंडल विस्तार पर दिया बड़ा अपडेट

nidhi
25 Oct 2026 7:46 AM IST
मनोज सिन्हा से मिले उमर अब्दुल्ला, मंत्रिमंडल विस्तार पर दिया बड़ा अपडेट
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कैबिनेट विस्तार से पहले उमर की अपील
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार अगले सप्ताह के शुरुआती दिनों में होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने शनिवार, 24 अक्टूबर को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद में नए सदस्यों को शामिल करने के साथ कुछ बदलाव भी किए जाएंगे। इसके लिए उपराज्यपाल से समय निर्धारित करने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मंत्रियों की सूची तैयार है और अब शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय होना बाकी है।
उमर अब्दुल्ला शनिवार सुबह श्रीनगर स्थित लोक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने उपराज्यपाल के साथ बैठक की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर चर्चा हुई है। उन्होंने अगले सप्ताह के शुरुआती दो से तीन दिनों में प्रक्रिया पूरी करने की बात कही। हालांकि, शपथ ग्रहण की निश्चित तारीख और समय की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम कार्यक्रम उपराज्यपाल की ओर से समय निर्धारित किए जाने के बाद स्पष्ट होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से विचार-विमर्श के बाद मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले सदस्यों की सूची तय की गई है। उन्होंने संकेत दिया कि चयन को लेकर नेतृत्व के स्तर पर फैसला हो चुका है। हालांकि, संभावित नए मंत्रियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसी तरह मौजूदा मंत्रियों के विभागों में किस प्रकार का बदलाव होगा, इसका विवरण भी सामने नहीं आया है। फिलहाल घोषणा विस्तार और कुछ जिम्मेदारियों में फेरबदल तक सीमित है।
कैबिनेट विस्तार की तैयारियों के बीच उमर अब्दुल्ला ने अपनी पार्टी के सहयोगियों और विधायकों से मंत्री पद के लिए पैरवी बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर उनसे या फारूक अब्दुल्ला से बार-बार संपर्क करने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उन्हें पद की दावेदारी को लेकर लगातार फोन और लंबे संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने नेताओं से धैर्य रखने और औपचारिक घोषणा का इंतजार करने को कहा। उनका कहना था कि वह सहयोगियों तथा उनके काम से पहले ही परिचित हैं।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से लंबे व्हाट्सऐप संदेश और बायोडाटा भेजे जाने का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिरिक्त सिफारिशों से निर्णय नहीं बदलेगा। इस बयान से मंत्री पद के इच्छुक नेताओं को नेतृत्व का रुख पता चला है। अब पार्टी के भीतर ध्यान इस बात पर रहेगा कि किन विधायकों को जिम्मेदारी मिलती है और वर्तमान मंत्रियों के विभागों में क्या परिवर्तन होता है। किसी संभावित नाम को लेकर मुख्यमंत्री ने पुष्टि नहीं की है।
उमर सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा कई महीनों से चल रही है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी विस्तार के संकेत दिए थे, लेकिन निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई थी। मौजूदा मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित छह सदस्य हैं और तीन स्थान खाली बताए गए हैं। इसलिए नए सदस्यों को शामिल करने की गुंजाइश है। फिर भी कितने लोगों को शपथ दिलाई जाएगी और फेरबदल का दायरा कितना होगा, इस पर अंतिम स्थिति आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगी। उपराज्यपाल से मुलाकात के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि वह उनका स्वास्थ्य जानना भी चाहते थे। मनोज सिन्हा स्वास्थ्य कारणों से कुछ समय जम्मू-कश्मीर से बाहर रहे थे और हाल में लौटे थे। उमर अब्दुल्ला के अनुसार, लंबे अंतराल के बाद हुई बैठक में कई प्रशासनिक विषयों पर बातचीत और उपराज्यपाल की सलाह लेना जरूरी था। मंत्रिमंडल विस्तार इस चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। उन्होंने बैठक को केवल नए मंत्रियों की नियुक्ति तक सीमित नहीं बताया।
इसी बीच कांग्रेस ने मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर अपना पुराना रुख दोहराया है। पार्टी ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने की मांग उठाते हुए फिलहाल सरकार के मंत्रिमंडल से बाहर रहने की बात कही है। कांग्रेस नेता रमन भल्ला ने कहा कि पार्टी राज्य के दर्जे और संवैधानिक सुरक्षा उपायों से संबंधित अपनी चिंताओं पर कायम है। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब मुख्यमंत्री ने विस्तार की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने सऊदी अरब में फंसे जम्मू-कश्मीर के यात्रियों की परेशानी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उड़ानें रद्द होने और किराया बढ़ने से कुछ लोगों के लिए वापसी के नए टिकट खरीदना कठिन हो गया है। उनके अनुसार, मामला विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों की सहायता के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार अपने बजट से धन उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अगला महत्वपूर्ण कदम शपथ ग्रहण का समय तय होना है। मुख्यमंत्री ने सूची तैयार होने की पुष्टि की है, लेकिन नाम और विभाग सार्वजनिक होने बाकी हैं। अगले सप्ताह के शुरुआती दिनों में प्रस्तावित बदलावों की औपचारिक घोषणा पर अब राजनीतिक दलों, विधायकों और प्रशासन की नजर रहेगी।
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