- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- उमर अब्दुल्ला ने राहुल...
उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी का किया बचाव, बोले- सरकार से सवाल करना विपक्ष का काम

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा है कि सरकार से सवाल करना, उसके फैसलों पर जवाब मांगना और उसे जनता के प्रति जवाबदेह बनाना विपक्ष की जिम्मेदारी है। उन्होंने राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक सक्रियता को लेकर हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल वही कर रहे हैं, जिसकी एक विपक्षी नेता से अपेक्षा की जाती है।
शुक्रवार को श्रीनगर में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्ष के नेता का काम केवल संसद में मौजूद रहना नहीं है, बल्कि सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना और जरूरत पड़ने पर उसके खिलाफ आवाज उठाना भी है।
उन्होंने राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि अगर विपक्ष का नेता विरोध ही नहीं करेगा, तो फिर उसके पद का क्या मतलब रह जाएगा। उमर ने इस बात पर भी जोर दिया कि अलग-अलग विपक्षी नेताओं के लिए अलग-अलग मापदंड नहीं होने चाहिए।
‘विपक्ष का नेता सरकार से सवाल करे’
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राहुल गांधी वही भूमिका निभा रहे हैं, जिसकी देश उनसे अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता के तौर पर राहुल गांधी का दायित्व है कि वे सरकार से सवाल करें और उसे जवाबदेह बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। सरकार नीतियां बनाती है और उन्हें लागू करती है, जबकि विपक्ष उन नीतियों की समीक्षा करता है और जनता से जुड़े सवाल सरकार के सामने रखता है।
उनके मुताबिक, अगर विपक्ष सरकार के फैसलों पर सवाल नहीं उठाएगा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही का तंत्र कमजोर हो सकता है। इसलिए विपक्ष का सरकार के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र का सामान्य हिस्सा है।
राहुल के विरोध-प्रदर्शनों पर हो रही आलोचना
राहुल गांधी हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक और सार्वजनिक मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में विपक्षी दलों की ओर से विरोध-प्रदर्शन भी किए गए हैं। इन प्रदर्शनों और राहुल गांधी की राजनीतिक सक्रियता को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से आलोचना भी होती रही है।
उमर अब्दुल्ला ने इसी आलोचना के संदर्भ में राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी विपक्षी नेता के विरोध करने को असामान्य तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। अगर विपक्ष किसी मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांगता है या जनता के सवालों को उठाता है तो यह उसकी संवैधानिक और राजनीतिक भूमिका का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाना उचित नहीं है। एक नेता अगर सरकार से सवाल करता है तो उसे केवल इस वजह से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए कि वह विपक्ष में है।
‘अगर विपक्ष विरोध नहीं करेगा तो क्या मतलब?’
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के विरोध को लेकर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विपक्ष का नेता विरोध नहीं करेगा तो उसके पद का क्या अर्थ रह जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि राहुल गांधी सरकार से सवाल पूछते रहें और विपक्ष की भूमिका निभाते रहें। उमर के मुताबिक, यही लोकतांत्रिक राजनीति की मूल भावना है।
उन्होंने कहा कि सरकार के सामने सवाल रखना विपक्ष का अधिकार भी है और जिम्मेदारी भी। इससे जनता से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते हैं और सरकार को अपने फैसलों तथा नीतियों पर जवाब देना पड़ता है।
लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण
उमर अब्दुल्ला के बयान को लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को लेकर उनकी स्पष्ट राय के तौर पर देखा जा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष सरकार की नीतियों की समीक्षा करने, कमियों को सामने लाने और जनता की समस्याओं को उठाने का काम करता है।
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष की मजबूती के साथ मजबूत विपक्ष को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। विपक्ष सरकार के फैसलों पर सवाल उठाकर वैकल्पिक नीतियों और दृष्टिकोण को सामने रख सकता है।
उमर ने इसी भूमिका की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक हस्तक्षेप का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार से जवाब मांगना विपक्ष की जिम्मेदारी है और राहुल गांधी अपने स्तर पर यही कर रहे हैं।
अलग-अलग मापदंड नहीं होने चाहिए
उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी नेताओं को लेकर अपनाए जाने वाले अलग-अलग राजनीतिक मापदंडों पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि यदि कोई विपक्षी नेता सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसके लिए अलग मानक और किसी दूसरे नेता के लिए अलग मानक नहीं होना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी के संदर्भ में कहा कि वह वही कर रहे हैं जिसकी देश उनसे उम्मीद करता है। विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी जिम्मेदारी सरकार के कामकाज पर नजर रखना और उससे सवाल पूछना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि राहुल गांधी आगे भी इसी तरह अपनी भूमिका निभाते रहें। उनके मुताबिक, विपक्ष की सक्रियता लोकतंत्र के लिए जरूरी है और सरकार को जवाबदेह बनाए रखने में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है।
राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण
उमर अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव बना हुआ है। राहुल गांधी विपक्षी गठबंधन और कांग्रेस की ओर से विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरते रहे हैं।
ऐसे में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री का खुलकर राहुल गांधी के पक्ष में बोलना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उमर ने हालांकि अपने बयान में किसी विशेष राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष की व्यापक भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार के खिलाफ विरोध करना या उससे जवाब मांगना विपक्ष की स्वाभाविक भूमिका है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए।
‘मैं चाहूंगा कि वह ऐसा करते रहें’
उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान के अंत में राहुल गांधी के विरोध और सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिशों का समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि वह चाहेंगे कि राहुल गांधी ऐसा करते रहें, क्योंकि यही विपक्ष का काम है।
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी से साफ है कि वह राहुल गांधी के राजनीतिक हस्तक्षेप और सरकार के खिलाफ उनके विरोध को लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप मानते हैं। उमर के अनुसार, विपक्ष का सक्रिय रहना केवल राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा नहीं, बल्कि सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाए रखने की प्रक्रिया भी है।
उनके बयान ने एक बार फिर इस बहस को सामने ला दिया है कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। उमर अब्दुल्ला का स्पष्ट मत है कि विपक्ष को सवाल पूछने, विरोध करने और सरकार से जवाब मांगने की अपनी जिम्मेदारी निभाते रहना चाहिए।





