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वोटर लिस्ट SIR पर उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी, पश्चिम बंगाल चुनाव को बताया बड़ी चुनौती

Jammu जम्मू: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर वोटर लिस्ट के SIR का असर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पड़ता है, तो यह एक खतरनाक मिसाल होगी और राजनीतिक दलों को इससे बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने यह टिप्पणी कोलकाता के भवानीपुर में गुरुवार रात एक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हुए विवाद से जुड़े सवाल के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद ईवीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है और यह काम पहले भी बैलेट बॉक्स के समय किया जाता था। उन्होंने कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सुरक्षा के लिए अपने कार्यकर्ताओं को तैनात करना पूरी तरह से राजनीतिक दलों का अधिकार है, और यह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी किया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट कहा कि वे चुनाव से पहले किसी भी तरह की गड़बड़ी को स्वीकार नहीं करते, लेकिन चुनाव के बाद ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी का मुद्दा ईवीएम से नहीं, बल्कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए सामने आ सकता है। उनके अनुसार, आज के समय में चुनावी प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी ईवीएम से नहीं, बल्कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए हो सकती है, जिसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सभी के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि SIR के माध्यम से वोटर लिस्ट में बदलाव का असर चुनाव परिणामों पर पड़ा, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर स्थिति होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने जैसी कोशिशों के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकती हैं। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति से बचने के लिए सभी राजनीतिक दलों को सतर्क रहने की जरूरत है।
एग्जिट पोल को लेकर पूछे गए सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे अक्सर गलत साबित होते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पांच साल पहले पश्चिम बंगाल चुनाव में एग्जिट पोल ने भाजपा को बढ़त दिखाई थी, लेकिन वास्तविक परिणाम इसके उलट रहे।
उन्होंने कहा कि इस बार भी एग्जिट पोल सही साबित नहीं होंगे और असली स्थिति चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी। उनके अनुसार, सोमवार को आने वाले नतीजों का इंतजार करना चाहिए, जिसके बाद स्थिति साफ हो जाएगी।
उमर अब्दुल्ला के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, खासकर SIR और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस और अधिक बढ़ गई है।





