जम्मू और कश्मीर

कानून का दुरुपयोग नहीं, सबको न्याय चाहिए: Lone

Ratna Netam
5 May 2026 7:57 PM IST
कानून का दुरुपयोग नहीं, सबको न्याय चाहिए: Lone
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Kashmir.कश्मीर: पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे लोन ने एक बार फिर कानून की समानता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सभी नागरिकों के लिए बराबर होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति या समूह के लिए इसे अलग तरीके से लागू नहीं किया जाना चाहिए।
लोन ने अपने हालिया भाषण में यह भी कहा कि कानून का दुरुपयोग करने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं मिलनी चाहिए, चाहे वे राजनीति में हों या समाज के किसी प्रभावशाली हिस्से से संबंधित हों। उनका मानना है कि अगर लोकतंत्र में कानून चुनिंदा लोगों के लिए लागू होता है तो यह सामाजिक और राजनीतिक असमानता को बढ़ावा देता है।
उन्होंने कहा, “कानून का पालन और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता किसी भी लोकतांत्रिक देश की नींव है। अगर कानून केवल आम नागरिकों पर लागू होता है और चुने हुए नेताओं या शक्तिशाली लोगों के लिए अलग नियम बनते हैं, तो इसका सीधा असर समाज में विश्वास और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर पड़ता है।”
लोन ने यह भी बताया कि हाल के समय में कई मामलों में देखा गया है कि विशेष व्यक्तियों के खिलाफ कानून की प्रक्रिया धीमी या कमजोर दिखाई देती है, जबकि आम नागरिकों के मामलों में कड़े कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने इस स्थिति को लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
इस अवसर पर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि वे कानून की निष्पक्षता सुनिश्चित करें और किसी के लिए कानून में ढील न दें। उन्होंने कहा कि सत्ता का प्रयोग कानून को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए नहीं किया जा सकता।
लोन ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि समान कानून न केवल न्याय सुनिश्चित करता है बल्कि समाज में विश्वास और स्थिरता बनाए रखता है। उन्होंने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को स्वतंत्र और निष्पक्ष रहकर सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक और सामाजिक मामलों में कानून की समानता सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। लोन की यह टिप्पणी विशेष रूप से वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां कई मामलों में सत्ता और प्रभाव के आधार पर कानून की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें सामने आती रहती हैं।
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