जम्मू और कश्मीर

NIA court ने आतंकवाद के मामलों में संपत्ति कुर्क करने का फैसला सुनाया

Ratna Netam
1 May 2026 6:44 PM IST
NIA court ने आतंकवाद के मामलों में संपत्ति कुर्क करने का फैसला सुनाया
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Jammu.जम्मू: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने आतंकवाद के आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है। यह कदम उन मामलों में लिया गया है जहां आरोपी गंभीर आतंकवाद संबंधी अपराधों में संलिप्त पाए गए हैं और उनकी संपत्ति संदिग्ध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की गई थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आतंकवाद से जुड़े अपराध केवल व्यक्तिगत नहीं होते, बल्कि वे समाज और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। ऐसे मामलों में आरोपी की संपत्ति कुर्क करना कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे आतंकवादी गतिविधियों के लिए वित्तीय संसाधनों को समाप्त किया जा सके।
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि इस आदेश के तहत आतंकवाद के संलिप्त आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों, बैंक खातों और निवेशों की जांच की जाएगी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित संपत्ति तुरंत सरकारी कब्जे में ली जाए और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कुर्क की गई संपत्ति का उपयोग देश में सुरक्षा और पुनर्वास कार्यों के लिए किया जा सकता है। न्यायालय ने कहा कि यह कदम न केवल आरोपी के खिलाफ बल्कि आतंकवाद से प्रभावित समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है। एनआईए की तरफ से बताया गया कि इस आदेश के तहत पहले से दर्ज आतंकवाद मामलों के आरोपी शामिल हैं, जिनकी संपत्ति का इस्तेमाल आतंकवादी नेटवर्क और गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदमों की श्रृंखला का हिस्सा है और इससे देश में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवाद के मामलों में संपत्ति कुर्क करना न केवल आरोपी को कमजोर करता है, बल्कि इससे भविष्य में संभावित आतंकवादी योजनाओं को भी रोकने में मदद मिलती है। इससे यह संदेश जाता है कि आतंकवाद में लिप्त लोगों को न केवल कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा, बल्कि उनके वित्तीय संसाधनों पर भी नियंत्रण लगाया जाएगा। इस आदेश के बाद एनआईए अधिकारी विभिन्न राज्यों और शहरों में आरोपी की संपत्ति की पहचान और उसका विवरण तैयार करने में जुट गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि कुर्क की गई संपत्ति की लिस्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी, लेकिन कोर्ट की निगरानी में सभी कार्रवाई पारदर्शी ढंग से की जाएगी।
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