जम्मू और कश्मीर

नटरंग की नाट्य प्रस्तुति ‘गत्त’ ने दर्शकों को सोचने पर किया मजबूर

Admindelhi1
12 Oct 2026 11:24 AM IST
नटरंग की नाट्य प्रस्तुति ‘गत्त’ ने दर्शकों को सोचने पर किया मजबूर
x
व्यवस्था और संवेदनहीन समाज पर नटरंग के नाटक ‘गत्त’ की चोट

जम्मू: नटरंग की साप्ताहिक नाट्य श्रृंखला ‘संडे थिएटर’ के तहत रविवार को स्पिरिचुअल ग्रोथ सेंटर, कटड़ा में बलवंत ठाकुर का चर्चित डोगरी नाटक ‘गट्ट’ मंचित किया गया। नीरज कांत के निर्देशन में प्रस्तुत यह नाटक कृष्ण चंदर की प्रसिद्ध उर्दू कहानी ‘खड्डा’ पर आधारित है। नाटक के माध्यम से मानवीय मूल्यों के पतन, सामाजिक संवेदनहीनता और व्यवस्था में व्याप्त गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर तीखा व्यंग्य किया गया।

नाटक में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी दिखाई गई जो गड्ढे में गिर जाता है और बाहर निकलने के लिए लोगों से मदद मांगता है लेकिन उसकी सहायता करने के बजाय हर कोई अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए बहाने बनाता है। सर्वेक्षक, युवा, साधु, पुलिसकर्मी, राजनीतिक नेता और विदेशी महिला सहित अलग-अलग पात्र उसके आसपास से गुजरते हैं लेकिन कोई उसे बाहर निकालने का प्रयास नहीं करता। पुलिसकर्मी उसकी मदद करने के बजाय प्राथमिकी दर्ज करता है जबकि साधु उसे वहीं रहने की सलाह देते हुए शांति की कामना करता है।

नाटक में व्यवस्था की विडंबना उस समय सामने आती है जब सड़क की खराब हालत का जायजा लेने पहुंचे मंत्री के भाषण के लिए लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी गड्ढे पर लकड़ी के तख्ते बिछाकर मंच तैयार कर देते हैं लेकिन उसमें गिरे व्यक्ति की मदद नहीं करते। मंत्री विकास के दावे करते हुए विरोधियों पर निशाना साधता है और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तख्ते हटा दिए जाते हैं जबकि पीड़ित व्यक्ति गड्ढे में ही पड़ा रहता है।

आदेश धर ने साधु की भूमिका निभाई।

Next Story