जम्मू और कश्मीर

नारायणा अस्पताल ने आयोजित किया बोन मैरो जांच पर CME-कम-वर्कशॉप

Ratna Netam
24 April 2026 5:46 PM IST
नारायणा अस्पताल ने आयोजित किया बोन मैरो जांच पर CME-कम-वर्कशॉप
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Jammu.जम्मू: एसएमवीडी नारायणा अस्पताल में हाल ही में बोन मैरो जांच पर एक विशेष CME (Continued Medical Education)-कंपाउंड वर्कशॉप आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों, रिसर्चर और मेडिकल छात्रों को बोन मैरो जांच के नवीनतम तकनीकी और नैदानिक पहलुओं के बारे में जानकारी देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञों ने किया। उद्घाटन सत्र में बोन मैरो जांच के महत्व, उसके अनुप्रयोग और चिकित्सकीय लाभ पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि बोन मैरो परीक्षण कई गंभीर रोगों, जैसे ल्यूकेमिया, एनीमिया और अन्य रक्त संबंधी बीमारियों के निदान और उपचार में अहम भूमिका निभाता है।
वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न केस स्टडीज, लाइव डेमो और प्रैक्टिकल सेशन के माध्यम से बोन मैरो जांच की प्रक्रिया, तकनीकी चुनौतियाँ और डेटा व्याख्या की जानकारी दी गई। इसमें विशेष रूप से फिनिकॉलॉजिकल और हेमेटोलॉजिकल दृष्टिकोण से परीक्षण की तकनीक पर फोकस किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में हेमेटोलॉजिस्ट, बोन मैरो विशेषज्ञ और रिसर्च साइंटिस्ट शामिल थे। उन्होंने मेडिकल पेशेवरों को नई तकनीकों और उपकरणों के उपयोग, बायोप्सी प्रक्रियाओं में सावधानी और नैदानिक निर्णय लेने के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया।
सीएमई-कम-वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों में ज्ञान और कौशल बढ़ाना था ताकि वे अपने मरीजों को अधिक सटीक और समय पर निदान प्रदान कर सकें। प्रतिभागियों ने बोन मैरो जांच में आने वाली आम गलतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि इस तरह के CME कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा और पेशेवर विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में और भी कई वर्कशॉप और ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें मेडिकल विशेषज्ञ नवीनतम तकनीकों और शोध परिणामों को साझा करेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टरों और छात्रों ने कहा कि वर्कशॉप से उन्हें बोन मैरो जांच के आधुनिक तरीकों और नैदानिक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से रोगियों को बेहतर और प्रभावी उपचार मिल सकेगा।
अंत में आयोजकों ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और बताया कि इस तरह के CME और वर्कशॉप नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि चिकित्सकों को लगातार नई जानकारी और तकनीकी उन्नयन से अवगत कराया जा सके।
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