- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- 2500 से ज्यादा OGW...

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए कई जिलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) के खिलाफ भी बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसमें 2500 से अधिक लोगों को पूछताछ और सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, अनंतनाग के लाल चौक इलाके में आतंकियों ने एक पुलिस जवान को निशाना बनाकर गोली मार दी थी। इस हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के सहयोगी नेटवर्क को तोड़ने के लिए घाटी के कई जिलों में एक साथ कार्रवाई शुरू की।
सूत्रों के मुताबिक, श्रीनगर, अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, शोपियां, गांदरबल समेत सात जिलों में जिला स्तर पर बड़े अभियान चलाए गए। इन अभियानों का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है, जो आतंकी संगठनों को किसी भी तरह की मदद पहुंचाने का काम करते हैं। इसमें आतंकियों को ठिकाना उपलब्ध कराना, आर्थिक सहायता देना, हथियार या अन्य सामान पहुंचाना और संचार व्यवस्था में मदद करना शामिल है।
सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में निगरानी बढ़ा दी है। जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सड़कों पर वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर में करीब 700 संदिग्ध OGW को हिरासत में लिया गया है, जबकि गांदरबल जिले में 100 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। इसके अलावा अनंतनाग, बारामुला, बडगाम और शोपियां में भी बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी भी संभावित आतंकी साजिश को रोकने के लिए एहतियाती कदम है। अभियान का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करना और घाटी में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
अनंतनाग हमले के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने मौजूदा हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा बलों का सहयोग करने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकवाद समर्थक नेटवर्क को खत्म करने के लिए आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां खुफिया इनपुट के आधार पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। उनका उद्देश्य आतंकियों और उनके सहयोगियों के नेटवर्क को कमजोर करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
फिलहाल कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाई गई है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है।





