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जम्मू और कश्मीर
GMC श्रीनगर में दवाओं की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी
Ratna Netam
11 April 2026 4:29 PM IST

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Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने MSCL (Medicare Supply Corporation Limited) को GMC (Government Medical College) श्रीनगर को प्रदान की गई जीवन रक्षक दवाओं का ब्योरा जमा करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह निर्देश स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया।
इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति और वितरण का सटीक रिकॉर्ड होना अत्यंत आवश्यक है। अदालत ने GMC श्रीनगर में दवाओं की उपलब्धता और उनके वास्तविक उपयोग का ब्योरा MSCL से समयबद्ध तरीके से जमा करने के निर्देश दिए।
अदालत ने MSCL को सभी प्रकार की चिकित्सा आपूर्ति और वितरण से जुड़े दस्तावेजों को व्यवस्थित और प्रमाणित रूप में पेश करने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा कि केवल दवाओं की उपलब्धता की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी वास्तविक स्थिति और वितरण की प्रक्रिया का विवरण भी प्रस्तुत करना जरूरी है।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जीवन रक्षक दवाओं की कमी या अनियमित वितरण किसी भी तरह से सहन नहीं किया जाएगा। अदालत ने स्वास्थ्य विभाग और MSCL दोनों को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई तक पूरी रिपोर्ट जमा करें, ताकि न्यायालय को स्पष्ट जानकारी मिल सके।
इस अवसर पर न्यायालय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। GMC श्रीनगर जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान में दवाओं की समय पर उपलब्धता सीधे मरीजों की जान से जुड़ा मामला है।
MSCL और GMC को निर्देश दिए गए कि वे सभी प्रकार की रसीदें, वितरण रिकॉर्ड और भंडारण की स्थिति सहित विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करें। अदालत ने कहा कि यह कदम न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास और दक्षता भी बढ़ाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्देश से राज्य में जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला और निगरानी प्रणाली मजबूत होगी। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि जरूरतमंद मरीजों तक दवाएं समय पर पहुंचें और किसी प्रकार की कमी या अनियमितता न हो।
कुल मिलाकर, हाईकोर्ट का यह आदेश स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। MSCL और GMC श्रीनगर को अब अदालत के निर्देशानुसार संपूर्ण ब्योरा जमा कराना अनिवार्य होगा।
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