जम्मू और कश्मीर

पुलवामा में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, दो OGW गिरफ्तार

Kavita2
25 Aug 2026 11:42 AM IST
पुलवामा में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, दो OGW गिरफ्तार
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पुलवामा। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो कथित ओवर-ग्राउंड वर्कर्स (OGW) को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने की। दोनों पर आतंकवादियों की मदद करने और उनके नेटवर्क के लिए काम करने का आरोप है।

सुरक्षा बलों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों के कब्जे से एक पिस्तौल, पिस्तौल की 12 गोलियां और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना और किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को रोकना था।

खुफिया सूचना के आधार पर अभियान

अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को यारवान जंगल इलाके में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर खुफिया जानकारी मिली थी। इस सूचना के आधार पर राजपोरा इलाके के सिबी नाथ क्षेत्र में स्थित यारवान जंगल में घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया गया।

अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों के साथ सेना और CRPF की टीमें शामिल थीं। सुरक्षा बलों ने जंगल और उसके आसपास के इलाकों को घेरकर संदिग्ध गतिविधियों की तलाश शुरू की।

अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान संयुक्त टीम को दो संदिग्ध व्यक्ति यारवान जंगल की ओर से सिबी नाथ गांव की तरफ आते दिखाई दिए। उनकी गतिविधियां सुरक्षा बलों को संदिग्ध लगीं।

चेतावनी देकर हिरासत में लिया

सुरक्षा बलों ने दोनों संदिग्धों को रुकने की चेतावनी दी। इसके बाद संयुक्त टीम ने उन्हें घेर लिया और हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद होने का दावा किया गया।

बरामद सामान में एक पिस्तौल, उसकी 12 गोलियां और एक हैंड ग्रेनेड शामिल है। हथियारों की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां दोनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री उन्हें कहां से मिली और इसे किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाना था। इसके अलावा उनके संपर्कों और संभावित आतंकी नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

आतंकी नेटवर्क से कनेक्शन की जांच

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, दोनों गिरफ्तार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। ओवर-ग्राउंड वर्कर्स पर अक्सर आतंकवादी संगठनों को स्थानीय स्तर पर सहायता पहुंचाने, सूचनाएं उपलब्ध कराने या अन्य तरह की मदद करने के आरोप लगते हैं।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि क्या दोनों किसी सक्रिय आतंकी समूह के सीधे संपर्क में थे। उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य डिजिटल तथा भौतिक साक्ष्यों की जांच के जरिए संभावित नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा सकता है।

इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

ऑपरेशन के बाद यारवान जंगल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सुरक्षा बलों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है ताकि गिरफ्तारियों के बाद किसी संभावित प्रतिक्रिया या संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।

पुलवामा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की संवेदनशील निगरानी वाले जिलों में शामिल रहा है। ऐसे में जंगल और ग्रामीण इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर सुरक्षा बल अक्सर संयुक्त तलाशी अभियान चलाते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को जमीनी स्तर पर कमजोर करना है, ताकि आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सहायता और संसाधनों पर रोक लगाई जा सके।

हथियार बरामदगी को अहम माना जा रहा

सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक पिस्तौल, 12 गोलियां और हैंड ग्रेनेड की बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इन हथियारों के स्रोत और संभावित इस्तेमाल के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हथियार किसी आतंकी संगठन से जुड़े थे या इन्हें किसी अन्य माध्यम से उपलब्ध कराया गया था। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि क्या गिरफ्तार किए गए दोनों लोग किसी बड़ी साजिश या नेटवर्क का हिस्सा थे।

पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज

दोनों संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर उनके संपर्कों, गतिविधियों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

यदि पूछताछ के दौरान किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क का नाम सामने आता है तो सुरक्षा एजेंसियां उसके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान जारी

यारवान जंगल में चलाए गए इस संयुक्त अभियान को आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों की लगातार जारी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस, सेना और CRPF के बीच समन्वय के जरिए खुफिया सूचनाओं पर कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखना प्राथमिकता है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर आगे भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे।

फिलहाल दो कथित OGW की गिरफ्तारी और उनके कब्जे से हथियारों की बरामदगी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों की आतंकी नेटवर्क में क्या भूमिका थी और उनके पीछे कौन लोग या संगठन सक्रिय थे। जांच के अगले चरण में इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

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