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बारामूला। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में पुलिस ने वर्ष 2008 के एक आतंकी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी की 69.82 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति कुर्क कर ली है। पुलिस की इस कार्रवाई को पुराने आतंकी मामलों में आरोपितों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी मामले में शामिल एक अन्य आरोपी के खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी जारी कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, संबंधित मामला वर्ष 2008 का है और इसमें आरोपितों की कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने की जांच की गई थी। मामले को लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा था। अब पुलिस ने मामले में नामजद एक आरोपी की संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की है।
69.82 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क
पुलिस की कार्रवाई के तहत जिस आरोपी की संपत्ति कुर्क की गई है, उसकी कुल अनुमानित कीमत 69.82 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। संपत्ति कुर्क किए जाने के बाद संबंधित आरोपी के लिए इन संपत्तियों का इस्तेमाल या उनका हस्तांतरण करना संभव नहीं होगा, जब तक कि कानूनी प्रक्रिया के तहत सक्षम प्राधिकारी की ओर से कोई अन्य आदेश जारी न हो।
पुलिस ने यह कार्रवाई पुराने आतंकी मामले में कानूनी प्रावधानों के तहत की है। कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे मामलों में आरोपित व्यक्तियों की संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कसना और कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े आर्थिक संसाधनों पर रोक लगाना है।
2008 के मामले से जुड़ा है प्रकरण
बारामूला पुलिस के मुताबिक, मामला करीब 18 वर्ष पुराना है। वर्ष 2008 में दर्ज किए गए इस मामले में कुछ लोगों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ती रही।
पुराने मामलों में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि कई बार आरोपित लंबे समय तक कानून की पहुंच से बाहर रहते हैं। ऐसे मामलों में उपलब्ध रिकॉर्ड, अदालत के आदेश और जांच से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है।
अब पुलिस ने मामले में एक आरोपी की संपत्ति कुर्क करने के साथ दूसरे आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल किया है। इससे संकेत मिलता है कि पुलिस पुराने मामलों को भी दोबारा सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रही है।
दूसरे आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
मामले में शामिल एक अन्य आरोपी के खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी जारी कराया गया है। पुलिस अब वारंट के आधार पर आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई करेगी।
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद संबंधित आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा सकती है। उसके परिवार, संपर्कों और संभावित आवाजाही के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा सकती है। पुलिस का प्रयास होगा कि लंबे समय से लंबित मामले में सभी आरोपितों को कानूनी प्रक्रिया के दायरे में लाया जाए।
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा
बारामूला और उत्तरी कश्मीर के अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से आतंकवाद और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अभियान चलाती रही हैं। ऐसे अभियानों में केवल सक्रिय आतंकियों या उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंक से जुड़े नेटवर्क को कमजोर करने के लिए उनके वित्तीय संसाधनों पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई
पुलिस की ओर से की गई संपत्ति कुर्की की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। किसी आरोपी की संपत्ति कुर्क किए जाने का अंतिम कानूनी परिणाम मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है। आरोपी को कानून के तहत अपने बचाव का अधिकार भी प्राप्त है।
ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य और अदालत में चल रही कार्यवाही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। संपत्ति की पहचान, उसके स्वामित्व और मामले से उसके संबंध से जुड़े दस्तावेज भी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।
पुराने मामलों पर पुलिस की नजर
इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि बारामूला पुलिस पुराने आतंकी मामलों की समीक्षा कर रही है। जिन मामलों में आरोपित लंबे समय से फरार हैं या जिनमें कानूनी प्रक्रिया लंबित है, उनमें पुलिस उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ सकती है।
पुराने मामलों में कार्रवाई से सुरक्षा एजेंसियों को उन नेटवर्क की जानकारी हासिल करने में भी मदद मिल सकती है, जो अतीत में आतंकी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा, आरोपितों की संपत्ति और संपर्कों की जांच से संभावित आर्थिक या आपराधिक नेटवर्क का पता लगाने में भी मदद मिल सकती है।
आगे भी कार्रवाई जारी रहने के संकेत
एक आरोपी की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति से कम लेकिन 69.82 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क किए जाने और दूसरे आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद मामले में आगे भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
पुलिस अब वारंट के आधार पर दूसरे आरोपी की तलाश करेगी। साथ ही पहले आरोपी की कुर्क की गई संपत्ति से संबंधित कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।
बारामूला पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां केवल वर्तमान मामलों पर ही नहीं, बल्कि पुराने आतंकी मामलों में भी आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही हैं। संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारी वारंट के जरिए पुलिस ने 2008 के इस मामले को फिर से सक्रिय रूप से जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में ला दिया है। आने वाले दिनों में दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी और मामले की आगे की कार्रवाई से इससे जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।





