जम्मू और कश्मीर

मामलों के निपटारे में CAT जम्मू की बड़ी उपलब्धि

Kiran
21 Sept 2026 4:15 PM IST
मामलों के निपटारे में CAT जम्मू की बड़ी उपलब्धि
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Jammu जम्मू केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) की जम्मू बेंच सर्विस से जुड़े मामलों को निपटाने के मामले में देश की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली बेंचों में से एक बनकर उभरी है और इसने तेज़ी से न्याय दिलाने में उम्मीदों से बेहतर काम किया है। मंत्री CAT के चेयरमैन जस्टिस आर.के. मोरे और अन्य सदस्यों की मौजूदगी में बहू प्लाज़ा में CAT जम्मू बेंच के नए ऑफिस-कम-कोर्ट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू और श्रीनगर में CAT बेंचों द्वारा मामलों को निपटाने की उच्च दर यह दिखाती है कि ट्रिब्यूनल में सर्विस से जुड़े मामलों में आसानी से और समय पर न्याय देने की क्षमता बढ़ रही है।
डॉ. सिंह ने कहा कि ट्रिब्यूनल तीन मुख्य उद्देश्यों को पूरा करता है: सर्विस से जुड़े विवादों का तेज़ी से निपटारा, सरकारी कर्मचारियों के लिए सस्ता न्याय और संवैधानिक अदालतों पर बोझ कम करना। उन्होंने कहा, "CAT में ओरिजिनल एप्लीकेशन दाखिल करने के लिए 50 रुपये की मामूली फीस लगती है, जबकि मिसलेनियस एप्लीकेशन, रिव्यू एप्लीकेशन और अवमानना ​​याचिकाओं के लिए कोई फीस नहीं ली जाती है।" कुल प्रदर्शन पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि अपनी शुरुआत से लेकर 30 जून, 2026 तक, CAT को पूरे देश में 10,01,177 मामले मिले, जिनमें से 9,32,723 मामलों का निपटारा किया गया, जिससे निपटारे की दर लगभग 93.16 प्रतिशत रही।
डॉ. सिंह ने कहा कि जम्मू और श्रीनगर बेंचों का अनुभव खास तौर पर महत्वपूर्ण रहा है क्योंकि ट्रिब्यूनल के सामने नए मामलों के अलावा, पहले की जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट से बड़ी संख्या में सर्विस से जुड़े मामले ट्रांसफर किए गए थे। मंत्री के अनुसार, हाई कोर्ट से 20,984 मामले ट्रांसफर किए गए, जबकि इस साल 30 जून तक दोनों बेंचों के सामने 20,405 नए मामले दाखिल किए गए। इनमें से 18,392 ट्रांसफर किए गए मामलों और 13,952 नए मामलों का निपटारा पहले ही किया जा चुका है, जिससे कुल निपटाए गए मामलों की संख्या 41,389 हो गई है और बहुत कम मामले पेंडिंग हैं।
उन्होंने कहा, "ये आंकड़े दिखाते हैं कि जम्मू और श्रीनगर बेंचों ने न केवल ट्रांसफर किए गए मामलों को आगे बढ़ाया है, बल्कि सर्विस से जुड़े बड़ी संख्या में नए मामलों को भी प्रभावी ढंग से निपटाया है।" डॉ. सिंह ने बताया कि जम्मू बेंच, जो शुरू में सिर्फ़ एक डिवीज़न बेंच के साथ काम करती थी, उसे बाद में बढ़ते काम के बोझ को संभालने और कर्मचारियों की शिकायतों का तेज़ी से समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक और डिवीज़न बेंच के साथ मज़बूत किया गया। अभी इसमें दो न्यायिक सदस्य और दो प्रशासनिक सदस्य हैं।
मंत्री ने CAT जम्मू के फ़ैसलों के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में अपील की कम दर पर भी ज़ोर दिया और बताया कि सिर्फ़ 8 प्रतिशत मामलों में ही अपील की गई है। उन्होंने कहा कि अपील का कम अनुपात, नौकरी से जुड़े मामलों में तेज़ी से न्याय दिलाने के CAT के मुख्य मक़सद के लिहाज़ से अहम है। उन्होंने कहा कि अपील की व्यवस्था ज़रूरी तो है, लेकिन बार-बार मुक़दमेबाज़ी से प्रक्रिया और लंबी हो सकती है और समाधान में देरी हो सकती है। डॉ. सिंह ने जम्मू में वकीलों के समुदाय से मिले समर्थन और सहयोग की तारीफ़ की और नई सुविधा शुरू करने में जम्मू-कश्मीर सरकार से मिली मदद को भी सराहा।
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