जम्मू और कश्मीर

लंबे शुष्क मौसम के कारण फैल रही धधकती लपटें, बचाव दल ने मोर्चा संभाला

SHIDDHANT
22 Jan 2026 11:50 PM IST
लंबे शुष्क मौसम के कारण फैल रही धधकती लपटें, बचाव दल ने मोर्चा संभाला
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Jammu जम्मू: कश्मीर के उत्तरी हिस्से में स्थित उरी के ऊपरी क्षेत्रों में गुरुवार को जंगल में आग फैल गई, जिसे लंबे समय से चले शुष्क मौसम के कारण भड़कने का कारण बताया जा रहा है। आग और घनी धुआं जंगल के कई हिस्सों में फैलता देखा गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल बन गया।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, जंगल की आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के इलाकों से निकलने वाले धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था। इस स्थिति को देखते हुए फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
जम्मू-कश्मीर वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग फैलने की मुख्य वजह लगातार शुष्क मौसम और जंगल में मौजूद सूखी पत्तियों और घास के कारण हुई। “लंबे समय तक बारिश न होने के कारण वन क्षेत्र अत्यधिक शुष्क हो गया था। यही कारण है कि आग इतनी तेजी से फैली और नियंत्रण करना कठिन हो गया,” एक अधिकारी ने कहा।
स्थानीय फायर फाइटिंग दलों ने आग को नियंत्रित करने के लिए हेलीकॉप्टरों, वाटर टैंक और जमीनी बल का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही आसपास के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रयास जारी हैं और टीमें दिन-रात आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।
जंगल में आग फैलने से वन्य जीवन पर भी गंभीर असर पड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि कई पक्षियों और छोटे जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि बड़े जानवरों को जंगल से बाहर निकालने के उपाय किए जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी आश्वस्त हैं कि आने वाले 24 से 48 घंटों में आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सकेगा, यदि मौसम में अचानक बदलाव नहीं आता।
स्थानीय प्रशासन ने आग की घटना को लेकर नागरिकों से अपील की है कि वे जंगल के पास आग लगाने या असावधानी से काम करने से बचें। आग से प्रभावित क्षेत्रों में धूम्रपान और खुले अंगीठे का उपयोग भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इस घटना से जम्मू-कश्मीर में वन सुरक्षा और पर्यावरणीय संरक्षण पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित होने की आवश्यकता सामने आई है। विशेषज्ञों ने कहा कि लगातार शुष्क मौसम और गर्मियों में जंगल की आग की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए तैयारियों में सुधार करना आवश्यक है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने वनों में आग फैलने की घटनाओं पर नियमित निगरानी और तत्काल प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने का भी आश्वासन दिया है।
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