जम्मू और कश्मीर

Jammu में साहित्यिक उत्सव, गोजरी-उर्दू राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

Ratna Netam
26 April 2026 6:57 PM IST
Jammu में साहित्यिक उत्सव, गोजरी-उर्दू राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
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Jammu.जम्मू: जम्मू में आज राष्ट्रीय गोजरी-उर्दू साहित्यिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य गोजरी और उर्दू भाषाओं की साहित्यिक धरोहर को बढ़ावा देना, साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना और भाषाई विविधता के महत्व को उजागर करना है।
सम्मेलन का उद्घाटन समारोह मुख्य अतिथि, वरिष्ठ साहित्यकारों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में गोजरी और उर्दू साहित्य के इतिहास, उनकी भूमिका और वर्तमान साहित्यिक परिदृश्य पर चर्चा की गई। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकार, कवि, लेखक और शिक्षाविद शामिल हुए।
आयोजकों ने बताया कि इस सम्मेलन में गोजरी और उर्दू साहित्य के नए और पुराने लेखकों के रचनाओं की प्रदर्शनी, वर्कशॉप और पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य भाषाओं को जीवन्त बनाए रखना और नई पीढ़ी को साहित्यिक गतिविधियों में जोड़ना है।
एक प्रमुख साहित्यकार ने कहा, “गोजरी और उर्दू साहित्य की समृद्ध परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन इन भाषाओं को संरक्षित करने और नए लेखकों को प्रोत्साहित करने में मदद करते हैं।”
सम्मेलन में साहित्यिक रचनाओं पर चर्चा के साथ-साथ कवि-सम्मेलन, कहानी पाठ और भाषा कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा। युवा साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय नागरिक और साहित्य प्रेमी इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन से साहित्य के प्रति रुचि बढ़ती है और भाषाई समरसता को बढ़ावा मिलता है।
जम्मू प्रशासन ने भी इस आयोजन का समर्थन किया और इसे स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रशासन ने कहा कि राज्य में गोजरी और उर्दू भाषाओं के विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक सम्मेलन भाषाओं के संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती प्रदान करते हैं। इसके अलावा, यह साहित्यकारों और शोधकर्ताओं को विचारों का आदान-प्रदान करने का मंच भी देता है।
सम्मेलन का समापन समारोह आगामी दो दिनों में होगा, जिसमें साहित्यिक पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने कहा कि यह सम्मेलन गोजरी और उर्दू साहित्य के प्रति जनभागीदारी और रुचि को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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