जम्मू और कश्मीर

कश्मीरी पंडितों को लेकर एलजी सिन्हा का बड़ा बयान

Kiran
2 Nov 2026 8:06 AM IST
कश्मीरी पंडितों को लेकर एलजी सिन्हा का बड़ा बयान
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श्रीनगर, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है और यह अपनी आत्मा के एक अनमोल हिस्से से वंचित है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित परिवारों की सम्मानजनक वापसी, कश्मीर संभाग की ऐतिहासिक विरासत और मानवीय गरिमा को बहाल करने की दिशा में एक प्रतिबद्धता है। उपराज्यपाल ने कहा, "इस पूरे क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सुंदरता तभी पूर्ण होगी, जब कश्मीरी पंडित भाई-बहन सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ अपनी मातृभूमि लौटेंगे।"
उन्होंने श्रीनगर के ज़ेवान में 'पीएम पैकेज' के तहत नियुक्त कर्मचारियों के लिए नवनिर्मित ट्रांजिट आवासीय परिसर का उद्घाटन किया। इसके अलावा, उपराज्यपाल ने बडगाम के काकन मारन और कुपवाड़ा के कुलंगम बाग में बने आवासीय परिसरों का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि इन तीन स्थानों पर 1,416 फ्लैटों का उद्घाटन, 'पीएम पैकेज' के तहत नियुक्त कर्मचारियों के रहन-सहन की स्थिति को बेहतर बनाने और घाटी में कश्मीरी पंडित परिवारों की सम्मानजनक वापसी के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फ्लैट उस परिवार की आकांक्षाओं, उनके धैर्य और कश्मीर में एक सुरक्षित भविष्य की उम्मीदों का प्रतीक है।
इस ट्रांजिट आवास परियोजना में कश्मीर घाटी के 10 जिलों में 20 स्थानों पर 342 ब्लॉकों में कुल 6,000 फ्लैट शामिल हैं। इस परियोजना को 2020 में 'मिशन मोड' के तहत तेजी से आगे बढ़ाया गया था। स्वीकृत 6,000 फ्लैटों में से 5,200 से अधिक फ्लैटों का निर्माण पूरा हो चुका है और 3,800 से अधिक फ्लैट आवंटित भी किए जा चुके हैं। हाल ही में उद्घाटन किए गए इन तीन परिसरों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए, उपराज्यपाल ने बताया कि ज़ेवान परिसर, जो इस परियोजना का सबसे बड़ा परिसर है, में 39 ब्लॉकों में 936 फ्लैट हैं और ये सभी आवंटित किए जा चुके हैं। कुपवाड़ा के कुलंगम बाग परिसर में 18 ब्लॉकों में 288 फ्लैट हैं, जबकि बडगाम के काकन मारन परिसर में 12 ब्लॉकों में 192 फ्लैट हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी लंबित कार्य बिना किसी देरी के पूरे कर लिए जाएं। लोक निर्माण (R&B) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री अनिल कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि बाकी बचे फ्लैटों का काम इस साल दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
उपराज्यपाल ने मजदूरों, इंजीनियरों, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, संभागीय आयुक्त (कश्मीर), जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सुरक्षा बलों और पानी व बिजली के बुनियादी ढांचे से जुड़ी एजेंसियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने 'पीएम पैकेज कार्यक्रम' के तहत घाटी में काम कर रहे कर्मचारियों की समर्पित सेवा की भी तारीफ की।
इस बात पर जोर देते हुए कि फ्लैटों का पूरा होना एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है, उपराज्यपाल ने निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, प्रभावी कचरा प्रबंधन और शिकायतों के त्वरित निवारण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित परिवारों की सम्मानजनक वापसी, कश्मीर की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सभ्यतागत विरासत को बचाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। उपराज्यपाल ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के योगदान के बिना कश्मीर की साहित्यिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक वैभव की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
उद्घाटन समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव (लोक निर्माण विभाग) अनिल कुमार सिंह; आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग के आयुक्त सचिव एम. राजू; संभागीय आयुक्त (कश्मीर) अंशुल गर्ग; आईजीपी (कश्मीर) सुजीत सिंह; एसएसपी (श्रीनगर) डॉ. जी.वी. संदीप चक्रवर्ती; उपायुक्त (श्रीनगर) अक्षय लाब्रू; राहत एवं पुनर्वास आयुक्त अरविंद करवानी; वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख नागरिक और 'पीएम पैकेज' के तहत काम करने वाले कर्मचारी मौजूद थे।
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