जम्मू और कश्मीर

एलजी ने J&K के वन्यजीव बोर्ड की मीटिंग में दी दिशा-निर्देश

Ratna Netam
5 May 2026 7:51 PM IST
एलजी ने J&K के वन्यजीव बोर्ड की मीटिंग में दी दिशा-निर्देश
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Kashmir.कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) ने हाल ही में सातवीं UT वाइल्डलाइफ बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों, वन्यजीव विशेषज्ञों और संरक्षण एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और संरक्षण योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करना था।
एलजी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल
पर्यावरणीय आवश्यकता
ही नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संरक्षित क्षेत्रों और वन्यजीव अभयारण्यों में निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाए और अवैध शिकार व अतिक्रमण पर नकेल कसी जाए।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों में वन्यजीवों की स्थिति, उनके आवासों की सुरक्षा और जैव विविधता की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने सांख्यिकीय डेटा और हालिया सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें दिखाया गया कि कुछ क्षेत्रों में वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में चिंता बनी हुई है।
एलजी ने वन्यजीव अधिकारियों को तकनीकी साधनों जैसे कैमरा ट्रैप, GPS ट्रैकिंग और ड्रोन्स का इस्तेमाल बढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों और अवैध गतिविधियों की मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से की जा सके। उन्होंने कहा कि जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन को संतुलित रखना जरूरी है, जिससे आर्थिक विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
बैठक में वन्यजीव बोर्ड के सदस्यों ने विभिन्न योजनाओं और प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें जंगलों में वृक्षारोपण, नदी पारिस्थितिकी संरक्षण, बाघ, हिम तेंदुआ और अन्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए नई पहलों पर जोर दिया गया। एलजी ने कहा कि स्थानीय समुदायों को संरक्षण प्रयासों में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि उनका सहयोग और जागरूकता ही दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करेगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर UT वाइल्डलाइफ बोर्ड की यह बैठक सालाना आयोजित की जाती है, ताकि वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यों की निगरानी की जा सके और नीतियों में सुधार किया जा सके। एलजी ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट निगरानी तकनीक के माध्यम से वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण कार्यों की प्रभावशीलता बढ़ाई जाए।
बैठक के समापन पर एलजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में पहले ही कई सकारात्मक कदम उठाए गए हैं, लेकिन इसके लिए निरंतर प्रयास और सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने सभी बोर्ड सदस्यों और अधिकारियों को सुझाव देने और योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए धन्यवाद भी दिया।
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