जम्मू और कश्मीर

घाड़ीकोट में सड़क पर आया तेंदुआ, कार सवारों में दहशत

Kavita2
9 Aug 2026 12:56 PM IST
घाड़ीकोट में सड़क पर आया तेंदुआ, कार सवारों में दहशत
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कटड़ा। ठाकरा कोट तहसील के पनासा से कटड़ा की ओर लौट रहे कार सवारों के सामने शुक्रवार शाम घाड़ीकोट क्षेत्र में अचानक तेंदुआ आ जाने से हड़कंप मच गया। सड़क पर जमा बारिश का पानी पी रहे तेंदुए को बीच मार्ग में देखकर चालक ने तत्काल कार रोक दी। कार में सवार सभी लोग घबराकर वाहन के अंदर ही बैठे रहे और एहतियातन शीशे बंद कर लिए।

घटना के दौरान तेंदुआ कुछ समय तक सड़क पर ही मौजूद रहा। कार सवारों ने किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की और वाहन से बाहर निकलने के बजाय सुरक्षित तरीके से अंदर बैठे रहे। इससे संभावित खतरे को टालने में मदद मिली।

अचानक सड़क पर दिखा तेंदुआ

बताया गया कि कार सवार पनासा से कटड़ा की ओर लौट रहे थे। शुक्रवार शाम जब उनका वाहन घाड़ीकोट क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी अचानक उनकी नजर सड़क पर मौजूद तेंदुए पर पड़ी।

तेंदुआ सड़क पर जमा बारिश का पानी पी रहा था। सड़क के बीचोंबीच तेंदुए को देखकर चालक ने तुरंत ब्रेक लगाया और कार रोक दी। अचानक सामने आए जंगली जानवर को देखकर कार में बैठे लोग भी सतर्क हो गए।

तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए किसी ने भी वाहन से बाहर निकलने की कोशिश नहीं की। सभी लोग कार के भीतर ही बैठे रहे और शीशे पूरी तरह बंद कर लिए।

कुछ देर तक सड़क पर रहा तेंदुआ

तेंदुआ सड़क पर पानी पीता रहा और कार के आसपास मौजूद रहा। कार सवारों ने भी पूरी सावधानी बरती। उन्होंने वाहन को आगे बढ़ाने या तेंदुए के करीब जाने का प्रयास नहीं किया।

ऐसे मामलों में जंगली जानवर अचानक आक्रामक हो सकता है, इसलिए कार सवारों का वाहन के भीतर रहना और दूरी बनाए रखना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। तेंदुआ पानी पीने के बाद आगे बढ़ गया, जिसके बाद कार सवारों ने राहत की सांस ली।

घटना के दौरान सड़क से गुजर रहे अन्य लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत महसूस हुई। हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी नहीं है।

बारिश के बाद सड़क पर आया वन्यजीव

घाड़ीकोट क्षेत्र में बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो गया था। इसी पानी को पीने के लिए तेंदुआ सड़क तक पहुंचा था। पहाड़ी और वन क्षेत्र से जुड़े इलाकों में बारिश के मौसम में वन्यजीवों की गतिविधियां अक्सर बढ़ जाती हैं।

बारिश के बाद पानी के स्रोतों में बदलाव और जंगलों में वन्यजीवों की आवाजाही के कारण कई बार वे सड़क या आबादी के आसपास दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

घाड़ीकोट में सामने आई घटना ने भी इस बात को रेखांकित किया कि वन क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय अचानक वन्यजीव सामने आने की स्थिति के लिए चालक को तैयार रहना चाहिए।

कार सवारों की सतर्कता से टला खतरा

तेंदुए को देखते ही चालक ने कार रोककर समझदारी का परिचय दिया। यदि वह घबराकर वाहन को तेजी से आगे बढ़ाता या तेंदुए के बहुत करीब ले जाता तो स्थिति खतरनाक हो सकती थी।

कार के शीशे बंद करके सभी लोगों का वाहन के भीतर ही रहना भी सुरक्षा के लिहाज से उचित कदम रहा। तेंदुए के सड़क से हटने तक उन्होंने धैर्य बनाए रखा।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदुए जैसे जंगली जानवर के सामने आने पर उसे छेड़ने, उसका पीछा करने या उसके करीब जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। वाहन में मौजूद लोगों के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखना सबसे बेहतर विकल्प होता है।

वाहन चालकों के लिए सतर्क रहने की जरूरत

घाड़ीकोट की घटना के बाद वन क्षेत्र से जुड़े मार्गों पर वाहन चलाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने और दृश्यता कम होने की स्थिति में वाहन की गति नियंत्रित रखना जरूरी है।

यदि सड़क पर कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो वाहन रोककर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। हॉर्न बजाकर या वाहन को तेजी से आगे बढ़ाकर जानवर को डराने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।

शुक्रवार शाम घाड़ीकोट क्षेत्र में भी कार सवारों ने इसी तरह सावधानी बरती और वाहन को रोककर तेंदुए को रास्ता दिया। कुछ देर बाद तेंदुआ वहां से चला गया और कार सवार सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा जारी रख सके।

घटना ने क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर लोगों का ध्यान भी आकर्षित किया है। बारिश के मौसम में जंगल से सटे मार्गों पर वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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