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जोजिला टनल का आखिरी ब्रेकथ्रू, NH-44 पर चेनानी-नाशरी के समानांतर नई टनल की घोषणा

Jammu जम्मू: भारत के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन माना जा रहा है, क्योंकि एशिया की सबसे लंबी जोजिला टनल का अंतिम ब्रेकथ्रू होने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद कश्मीर से लद्दाख के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और संपर्क व्यवस्था पहले से अधिक सुगम हो जाएगी।
इसी अवसर पर जम्मू-कश्मीर के बुनियादी ढांचे और सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को जानकारी दी कि नेशनल हाईवे-44 पर चेनानी-नाशरी रूट में मौजूद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल के समानांतर एक नई दो-लेन वाली ट्यूब टनल का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने यह घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से की। इस प्रस्तावित टनल का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात को और अधिक सुचारू बनाना और मौजूदा मार्ग पर दबाव को कम करना बताया गया है। इसके साथ ही यह परियोजना जम्मू-कश्मीर में सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
चेनानी-नाशरी टनल पहले से ही जम्मू और कश्मीर के बीच यात्रा को आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। अब इसके समानांतर एक नई टनल बनने से यातायात क्षमता बढ़ेगी और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से भारी वाहनों और सामान्य यातायात दोनों को लाभ मिलेगा।
जोजिला टनल के अंतिम ब्रेकथ्रू को भी क्षेत्रीय विकास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। यह टनल कश्मीर घाटी को लद्दाख से हर मौसम में जोड़ने में सक्षम होगी, जिससे रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण फायदा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी बढ़ाने और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर है। आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी।
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने और प्रस्तावित योजनाओं के लागू होने से जम्मू-कश्मीर में यात्रा, व्यापार और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





