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10.5 मीटर तने वाला सबसे बड़ा देवदार, एशिया में सबसे मोटे तने वाले देवदार में से एक

वन विभाग को भद्रवाह में भलेस के चांटी गांव में देवदार का विशालकाय पेड़ मिला है। इसके तने की मोटाई 10.5 मीटर पाई गई है। इस खोज से उत्साहित वन विभाग अब इस पर शोध करवाने जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर का नाम सबसे पुराने और मोटे तने वाले देवदार के लिए विशिष्ट वन संपदा श्रेणी में दर्ज हो सकता है। वन विभाग को भद्रवाह में भलेस के चांटी गांव में देवदार का विशालकाय पेड़ मिला है। इसके तने की मोटाई 10.5 मीटर पाई गई है। इस खोज से उत्साहित वन विभाग अब इस पर शोध करवाने जा रहा है। अधिकारी मान रहे हैं कि यह भारत समेत एशिया में सबसे मोटे तने वाले देवदार के पेड़ों में से एक है। यह भी संभव है कि तने की मोटाई के लिहाज से यह पेड़ पहले पायदान पर हो।
इस पेड़ को खोजने वाली टीम में शामिल अधिकारी ने बताया कि यह पेड़ वन विभाग के कंपार्टमेंट नंबर 57 में पाया गया है। देखते ही यह पेड़ असाधारण प्रतीत हुआ। इसके माप के लिए टीम बुलाई गई। जब वन विभाग की टीम के सदस्यों ने पेड़ के तने के इर्द गिर्द मानव शृंखला बनाने के लिए सोलह कर्मियों को तने से सटकर खड़े होना पड़ा।
सिल्विकल्चर के मापदंडों से नापी मोटाई
भद्रवाह के डीएफओ चंद्रशेखर के अनुसार, कंपार्टमेंट नंबर 57 में मिला देवदार का पेड़ एशिया में सबसे बड़े देवदारों में से एक है। यह सबसे बड़ा भी हो सकता है, लेकिन इसके लिए अध्ययन जरूरी है। पेड़ के तने की मोटाई नापने के लिए सिल्विकल्चर मापदंडों को अपनाया गया है। जमीन से साढ़े चार फुट ऊपर इसकी मोटाई 10.5 मीटर पाई गई है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जमीन के बिल्कुल पास तने की मोटाई 55 फुट तक मिली है, लेकिन सिल्विकल्चर के तहत जमीन से साढ़े चार फुट ऊपर इसका तना 33 फुट मिला है।
हिमाचल में है देश का लैंडमार्क ट्री
वन विभाग से प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट पद से सेवानिवृत्त ओपी विद्यार्थी ने पेड़ की फोटो और वीडियो साझा कर बताया कि हिमाचल प्रदेश के कानासर जायंट देवदार की मोटाई महज 6.35 मीटर है, लेकिन उसे भारत का लैंडमार्क ट्री के तौर पर दर्ज किया गया है। भद्रवाह में मिला देवदार 10 मीटर से भी ज्यादा मोटा है, और यह पेड़ लगभग 500 साल पुराना है।





