जम्मू और कश्मीर

वैष्णो देवी रूट पर भूस्खलन: तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, 30 की मौत

SHIDDHANT
29 Aug 2025 12:01 AM IST
वैष्णो देवी रूट पर भूस्खलन: तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, 30 की मौत
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JAMMU जम्मू: श्री माता वैष्णो देवी मंदिर रूट पर भूस्खलन के कारण तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बुधवार को घोषणा की कि यात्रा मार्ग पर मरम्मत कार्य चल रहा है, जिसके कारण तीर्थयात्रा अगले दो-तीन दिनों तक स्थगित रहेगी। घटना उस समय हुई जब श्रद्धालुओं का एक समूह वैष्णो देवी भवन की ओर बढ़ रहा था। अर्धकुंवारी के नजदीक पहाड़ी से गिरा मलबा और पत्थर यात्रा मार्ग को प्रभावित कर गया। हादसे में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। तुरंत बाद बचाव दल, एनडीआरएफ, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने भी राहत कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कटरा स्थित एसएमवीडी नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और डॉक्टरों से सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि 2014 और 2025 की बाढ़ की तस्वीरें लगभग एक जैसी हैं और यह सोचने का विषय है कि 2014 से क्या सबक लिया गया। भूस्खलन के बाद श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों से सुरक्षित मार्गों और चेतावनी संदेशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मरम्मत कार्य पूरी तरह से सुरक्षित होने तक यात्रा नहीं होगी। इस बीच, स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यात्रा मार्ग के आसपास नियंत्रण और निगरानी बढ़ा दी है। राहत कार्य में एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और सेना का समन्वय जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में घायलों और मलबे से फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। भूस्खलन ने न केवल तीर्थयात्रियों को प्रभावित किया है, बल्कि इलाके में यातायात और आवागमन भी बाधित हुआ है। श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से धैर्य रखने और आगामी निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है। यह हादसा यह याद दिलाता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के लिए सतर्कता और तैयारी कितनी जरूरी है। स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय निकायों द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करना इस समय अत्यंत आवश्यक है।
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