जम्मू और कश्मीर

Poonch में भूमि धंसने की घटना, घर और स्कूल प्रभावित

Payal
10 April 2026 6:21 PM IST
Poonch में भूमि धंसने की घटना, घर और स्कूल प्रभावित
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JAMMU.जम्मू: जिले के पुंछ क्षेत्र में अचानक ज़मीन धंसने की घटना से 9 आवासीय घरों और एक सरकारी स्कूल में गंभीर दरारें आ गई हैं। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू कर दिया है और संभावित खतरे को रोकने के लिए बचाव कार्य तेज कर दिया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में भारी बारिश और मिट्टी की अस्थिर स्थिति थी। अचानक ज़मीन धंसने से कई घरों की दीवारों में दरारें आ गईं, और लोगों में भय का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि दरारें इतनी गंभीर थीं कि घरों में रहना असुरक्षित हो गया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी तौर पर शिफ्ट करने की योजना बनाई है।

सरकारी स्कूल में भी दरारें दर्ज की गई हैं, जिससे कक्षाओं और अन्य भवन संरचनाओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। स्कूल प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल भवन का निरीक्षण विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है और इसके बाद ही इसकी मरम्मत और पुन: उपयोग के बारे में निर्णय लिया जाएगा।

आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ज़मीन धंसने के क्षेत्र में मिट्टी और भू-जल की स्थिति की जांच के लिए टीमों को तुरंत रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना प्राथमिकता है, ताकि किसी अप्रत्याशित दुर्घटना से बचा जा सके।

पुंछ के जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे धंस चुके और कमजोर क्षेत्रों के पास न जाएं और बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन ने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी अनजाने में खतरे में न पड़े।

स्थानीय नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत राहत और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आपदा की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक कदम समय पर उठाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में भारी बारिश, भू-जल का असंतुलन और मिट्टी की अस्थिरता मुख्य कारण हो सकते हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए निगरानी और पूर्व चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने की सलाह दी है।

इस घटना ने पुंछ के निवासियों में भय और सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन ने कहा कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और संभावित खतरे को कम करने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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